प्रदेश में लगेगा सौ मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट

दिल्ली की कंपनी ने सरकार से किया एमओयू, 700 करोड़ रुपए का होगा निवेश

शिमला -हिमाचल में 100 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित होगा। दिल्ली की कंपनी यहां पर सौर ऊर्जा का प्लांट लगाना चाहती है, जिसके साथ सरकार ने समझौता कर लिया है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंगलवार को यहां राज्य सरकार और मैसर्ज फ्रंटलाइन दिल्ली के बीच 100 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। प्रधान सचिव, बहुद्देशीय परियोजना एवं ऊर्जा प्रबोध सक्सेना ने राज्य सरकार की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जबकि फ्रंटलाइन के अध्यक्ष डा. संजय सिन्हा ने कंपनी की ओर से हस्ताक्षर किए। यह संयंत्र 700 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा, जिसमें 700 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी, फ्रंटलाइन दिल्ली के प्रबंध निदेशक पुष्पेश सिंह, निदेशक आदित्य सिन्हा भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।  बता दें कि प्रदेश में अभी तक इतना बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने को कोई भी आगे नहीं आया है। यहां पर छोटे-छोटे प्रोजेक्टों पर काम किया जा रहा है। सरकारी क्षेत्र में पावर कार्पोरेशन ने एक पांच मेगावाट का प्रोजेक्ट बिलासपुर जिला में लगा रखा है, जिसके बाद छोटे-छोटे कैप्टिव प्लांट यहां पर लग रहे हैं। कोई भी कंपनी यहां पर बड़ा प्लांट नहीं लगा पा रही है, क्योंकि  पहले कई बार सर्वेक्षण हो चुके हैं, जिसमें संभावनाएं नहीं दिखीं। बता दें कि लाहुल-स्पीति में भी एक हजार मेगावाट की क्षमता का एक सोलर पार्क केंद्र सरकार से हिमाचल को मिला है, परंतु इस तरफ भी कोई ज्यादा काम नहीं हो सका। यहां पर बिजली की ट्रांसमिशन का अहम मुद्दा है, क्योंकि वहां से बिजली बाहर निकालने के लिए कोई साधन नहीं है।

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