प्रियंका की हिरासत पर हंगामा

यूपी पुलिस ने धरना देने पर गेस्ट हाउस में रखीं कांग्रेस महासचिव

मिर्जापुर – सोनभद्र जिला में भूमि विवाद में मारे गए लोगों के परिवार से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका वढेरा को हिरासत में लेने का मामला गरमा गया है। हिरासत में लेने के बाद प्रियंका ने चुनार गेस्ट हाउस से कहा कि वह पीडि़त परिवारों से मिले बिना नहीं जाएंगी। पूरे देश को पता चलना चाहिए कि यूपी में क्या हो रहा है। बता दें कि प्रियंका को मिर्जापुर के नारायण पुर चौकी के पास रोका गया था। वहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर चुनार गेस्ट हाउस लाया गया। प्रियंका ने गेस्ट हाउस से ही मीडिया  से मुझे यहां गिरफ्तार करके लाया गया है। वहां सोनभद्र में जो लोग अपना अधिकार मांग रहे थे, उनकी हत्या कर दी गई। गांव वालों की जमीन पर कब्जा करने आए थे, जिन जमीन को उन्होंने बरसों से सहेजा था, वहां कुछ लोग ट्रैक्टर लेकर कब्जा करने आ गए। जब गांववालों ने रोकने की कोशिश की तो 11 लोगों की हत्या कर दी गईं। उसमें तीन महिलाएं भी हैं। यह है उत्तर प्रदेश की स्थिति। प्रियंका ने आगे कहा कि मैंने बोला कि सोनभद्र में लागू धारा 144 का उल्लंघन नहीं करूंगी। तीन लोगों को ही लेकर जाऊंगी, लेकिन मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। यह सरासर अन्याय है। पूरे देश को पता चलना चाहिए कि यूपी में क्या हो रहा है। प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी ने भी ट्विटर पर नाराजगी जताई है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि सोनभद्र में प्रियंका की गैरकानूनी गिरफ्तारी परेशान करने वाली है। वह उन 10 आदिवासियों के परिवारों से मिलने जा रही थीं, जिनकी अपनी जमीन छोड़ने से इनकार करने पर निर्मम हत्या कर दी गई। उन्हें रोकने के लिए सत्ता का मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया गया है। इससे भाजपा सरकार की बढ़ती असुरक्षा का पता चलता है। अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने भी इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की और इस कार्रवाई को लोकतंत्र को कुचलने जैसा करार दिया। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश बना दिया है। उधर, प्रियंका को हिरासत में लिए जाने पर पूरे देश मेें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल के दौरान वनवासियों की जमीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया। एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है, जो 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

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