बढ़ती आत्महत्याएं चिंताजनक

जीवन धीमान, नालागढ़

आज के नौजवानों में सहनशीलता खत्म होती जा रही है। दिन-प्रतिदिन आत्महत्याओं का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। इसका मुख्य  कारण है मां-बाप का बच्चों के साथ अच्छा तालमेल न होना। आखिर क्यों बच्चे अपनी जिंदगी से बोझिल होने लगे हैं? क्यों जिंदगी का मूल्य समझने में विफल हो रहे हैं। परिजनों को चाहिए कि बच्चों को प्यार से समझाएं तथा उनकी हर गतिविधि पर नजर रखें। उनके साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करें, ताकि इन बढ़ते अपराधों को रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी को जीवन का सही मूल्य पता चल सके। हमें अपने बच्चों को यह समझाना होगा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।

 

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