बहुत ही पॉपुलर कोर्स है पीएचडी

पीएचडी में  करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने   जर्नलिज्म डिपार्टमेंट एचपीयू के  प्रोफेसर विकास डोगरा से खास बातचीत  की…

विकास डोगरा,  प्रोफेसर जर्नलिज्म डिपार्टमेंट एचपीयू

पीएचडी करने में कितने साल लग जाते हैं?

पीएचडी का पूरा नाम डाक्टर ऑफ  फिलोसोफी है, जिसे शॉर्ट में पीएचडी कहते हैं। वैसे तो पीएचडी तीन साल में हो जाती है, लेकिन प्रदेश विश्वविद्यालय में छह साल लड़कों व आठ साल लड़कियों को पीएचडी के लिए दिए जाते हैं। वहीं एक साल की एक्सटैंशन भी छात्रों को पीएचडी के लिए दिए जाने का प्रावधान है। पीएचडी एक बहुत ही पॉपुलर कोर्स है। पीएचडी की पढ़ाई करने के लिए युवाओं को काफी मेहनत करनी पढ़ती है, तभी उनके नाम के साथ डाक्टर शब्द लगता है।

पीएचडी करने के बाद सबसे ज्यादा मांग किस क्षेत्र में होती है?

पीएचडी करने के बाद सबसे ज्यादा मांग रिचर्स व टीचिंग में है। किसी विषय में पीएचडी करने के बाद आप अपने विषय में किसी भी कालेज व शिक्षण संस्थान में प्रोफेसर बन सकते हैं, वहीं बड़ी-बड़ी  रिसर्च एजैंसी में भी अच्छे पैकेज पर जॉब करने का अवसर प्राप्त होगा।

क्या पीएचडी ग्रेजुएशन के बाद होती है?

नहीं पीएचडी ग्रेजुशन करने के बाद नहीं होती है। मास्टर डिग्री के बाद ही पीएचडी करने के लिए हम अप्लाई कर सकते हैं। हांलाकि अगर एमफील करने के बाद पीएचडी को अप्लाई किया जाए, तो ज्यादा आसान पीएचडी में दाखिला लेने के लिए हो जाता है। प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए 55 प्रतिशत तक की मैरिट चाहिए, हांलाकि दूसरे शिक्षण संस्थानों में यह मैरिट थोड़ी ऊपर नीचे हो सकती है।

हिमाचल में कौन-कौन से संस्थान हैं, जहां से पीएचडी की जा सकती है?

जहां तक मेरा मानना है तो हिमाचल में हॉर्टिकल्चर, एग्रीकल्चर सहित प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी करवाई जाती है।

स्कूल और कालेज में प्रोफेसर लगने के लिए कोई टेस्ट होता है या सीधे ही लग जाते हैं?

स्कूल कालेज में प्रोफेसर लगने के लिए कमीशन पास करना अनिवार्य है। कालेज में शिक्षक बनने के लिए नेट क्लीयर करना जहां जरूरी होता है, तो वहीं स्कूल में टेट नेट पास करना पड़ता है। पीएचडी करने वाले युवाओं को विश्वविद्यालय स्तर पर अस्टिंट प्रोफेसर बनने में आसानी हो जाती है।

इस क्षेत्र में आरंभिक आय कितनी होती है?

यूजीसी स्केल के अनुसार पीएचडी करने वाले युवाओं की सरकारी शिक्षण संस्थान में युजीसी स्केल के अनुसार आरंभिक आय 45,000 होती है । वहीं  अगर निजी संस्थानों की बता करें तो यह आय 25 हजार से शुरू होती है। यह तो साफ  है कि पीएचडी करने के बाद रोजगार आसानी से मिल जाता है। वहीं अच्छे पैकेज पर युवा नौकरी कर सकते हैं। 

जो युवा इस क्षेत्र में पदार्पण करना चाहते हैं, उनके लिए कोई प्रेरणा संदेश दें?

पीएचडी दूसरे कोर्स की तरह नहीं है। पीएचडी में आप जो विषय चुनते हैं, वह आपकी लाइफ  टाइम तक की मेहनत है। पीएचडी के लिए केवल पैसों को ही प्राथमिकता न समझें, और पूरा समय व मेहनत इस डिग्री को करने के लिए दें। अगर आप रोज मेहनत करते हैं, तो यह फील्ड आपके लिए है।

-प्रतिमा चौहान, शिमला

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