बारिश के पानी को न गंवाए वेस्ट

अंब—बारिश का पानी व्यर्थ न जाए। बंद पड़े हैंडपंप पुनः लोगों के उपयोग में लाए जा सके। इसके लिए केंद्र सरकार ने धरातल स्तर पर योजना को सिरे चढ़ाने के लिए  हिमाचल में काम शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार क्लास वन अधिकारी राजीव कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यों की एक टीम ने उपमंडल अंब की कई पंचायतों का दौरा कर विभिन्न प्रकार की जानकारियां जुटाई हैं। कंेद्र की टीम ने अंब ब्लॉक के तहत जबेहड़ ब रिपोह मिसरा पंचयात का दौरा कर मनरेगा के तहत सिंचाई व बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए बनाए टैंक संबंधित कार्य का आकलन कर कई जरूरी सुझाव दिए हैं। आईपीएच सब-डिवीजन भरवाई के तहत बंद पड़े करीब 40 हैंडपंप को पुनः प्रारंभ करने के लिए टीम ने एक मैप बनाकर उन्हें उपयोग में लाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। टीम का मकसद बंद पड़े वाटर रिसोर्सिज को पुनः चालू कर लोगों के उपयोग में लाना है। बारिश व खड्डों नालों का पानी व्यर्थ बहने के बजाय खेतों में सिंचाई के काम में लाया जा सके। इसके लिए भी मैप तैयार किया गया है। कुओं व बावडि़यों में पानी एकत्रित हो सके इसके लिए भी मनरेगा के तहत कार्यों को अंजाम तक पहुचाने के लिए योजना तैयार की जा रही है। टीम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कई पंचायतों का दौरा कर धरातल स्तर पर जानकारी हासिल की है। पंचयात स्तर पर बारिश के पानी की रोकथाम के लिए बनाए गए वाटर टैंक में नलों के पानी को एकत्रित करने के बजाय केवल बारिश का पानी को ही एकत्रित किया जाए। उधर, बीडीओ अंब अभिषेक से बात करने पर उन्होंने बताया कि कंेद्र से आई टीम ने बारिश के पानी की रोकथाम ब मनरेगा के तहत किए गए कार्यों की जानकारियां  लेने के संबंधित विभागों से कई जरूरी जानकारियां प्राप्त की है। इस दौरान टीम ने मौके पर जाकर भी स्तिथि का जायजा लिया है। एसडीओ आईपीएच भरवाईं पंकज बंसल से बात करने पर उन्होंने बताया की केंद्र की टीम ने जो जानकारी हमसे मांगी है उसे उन्हें सौंप दिया गया है।

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