महिलाओं की खातिर पशु चिकित्सक बनी प्रियदर्शनी अब संयुक्त निदेशक

Jul 17th, 2019 12:07 am

कौन सा क्षेत्र रह गया है जहां पर महिलाओं ने अपनी कामयाबी का डंका न बजाया हो। जिस तरफ भी नजर डालोगे आपको महिलाओं की कामयाबी ही दिखेगी। ऐसी ही एक और कामयाबी का डंका बजाया है ऊना की डा. प्रियदर्शनी ने। हिमाचल प्रदेश पशु प्रजनन विभाग में संयुक्त निदेशक की कुर्सी पर पहुंची ऊना जिला की डा. प्रियदर्शनी इस ओहदे पर पहुंचने वाली पहली महिला पशु चिकित्सक बनी हैं। सकारात्मक सोच व कड़ी मेहनत के बल पर डा. प्रियदर्शनी ने इस मुकाम पर पहुंचकर ऊना जिला का गौरव बढ़ाया है। महिलाओं की पशु संबंधी समस्याओं को देखते हुए डा. प्रियदर्शनी ने पशुपालन विभाग में बतौर चिकित्सक नौकरी करने को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और आज वह इसी विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर आसीन हैं, जो कि इस विभाग का दूसरा बड़ा पद है। डा. प्रियदर्शनी कहती है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं जब पशुओं के उपचार के लिए पशु औषधालय जाती हैं तो उन्हें शर्म-संकोच का सामना करना पड़ता है। महिलाओं की इस समस्या के समाधान के लिए ही उन्होंने पशुपालन विभाग में चिकित्सक बनने का निर्णय लिया ताकि महिलाएं अपने पशु संबंधी समस्याओं को महिला चिकित्सक के साथ बिना संकोच के साथ बता सकें। प्रियदर्शनी चौधरी का जन्म 11 अप्रैल 1962 को चंडीगढ़ में पिता रामलाल व माता शीला देवी के घर हुआ। बता दें कि महकमे में उच्च पद पर आसीन दंपति ऊना जिला के गांव धनदडी अंब के निवासी हैं। डा. प्रियदर्शनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नूर निवास मिशन स्कूल हिसार(हरियाणा) से की। जबकि जमा दो की पढ़ाई पब्लिक स्कूल हिसार से उत्तीर्ण की। जिसके बाद हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से चिकित्सा की डिग्री हासिल की और हरियाणा के भिवानी व पंचकूला में बतौर पशु चिकित्सक अधिकारी के पद पर दो साल तक सेवाएं दीं। इनके पति डा. स्वदेश चौधरी भी पशुपालन विभाग में निदेशक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। ऊना जिला के बेटे व बहू ने उक्त महकमे में उच्च पद प्राप्त करके जिला का गौरव बढ़ाया है। जिसके उपरांत वर्ष 1988 में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग में बतौर पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सालय गगरेट में पहली तैनाती हुई। तब यह पशु प्रजनन विभाग  हिमाचल में बतौर चिकित्सक सेवाएं देनी वाली प्रदेश की पहली महिला पशु चिकित्सक बनीं।  इसके बाद इन्होंने चंबा, ऊना, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद वर्ष 2017 में जिला शिमला में उपनिदेशक(पशु उत्पादन) के पद पर कार्यरत रहीं। इनकी सराहनीय सेवाओं, मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति व कार्य के प्रति लगाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इन्हें जून 2019 में संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नत किया।

— विकास , ऊना

मुलाकात

आत्मविश्वास हो तो हर चुनौती स्वीकार कर सकती है औरत…

विभागीय कसौटियों में एक औरत का अधिकारी होना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है?

कुछ हासिल करने के लिए चुनौतियों से लड़कर आगे बढ़ना पड़ता है। आत्मविश्वास व दृढ़ संकल्प हो तो औरत हर चुनौती स्वीकार कर सकती है।

प्रायः पशु चिकित्सक होना पुरुष संज्ञा में दिखाई देता है। आप खुद को इसमें किस हद तक पारंगत कर पाईं?

80 के दशक में पशुपालन विभाग में पहली महिला अधिकारी होने पर कठिनाइयों का सामना अवश्य करना पड़ा। परंतु जब मेहनत से काम किया तो लोगों ने काम देखा औरत व पुरुष नहीं।

बतौर पशु चिकित्सक आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि?

हिमाचल के छह जिलों के दुर्गम क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करते हुए सफलतापूर्वक कार्य करना ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

दुग्ध उत्पादन में हिमाचल क्यों पिछड़ रहा है?

मेरे अनुभव के मुताबिक पशुपालकों के पास कम भूमि व उनकी आर्थिक स्थिति।

देशी नस्ल की गाय की ओर लौटना कितना सार्थक हो सकता है?

कुछ चुनिंदा बढि़या नस्ल व वैज्ञानिक तौर पर उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्ल गाय पालन के माध्यम से।

आवारा पशुओं को पुनः साधने की दिशा में क्या होना चाहिए?

लोगों में जागरूकता लाना, तकनीकी स्तर पर (सैक्स सोरटिड सीमन) को प्रयोग में लाकर, पशुओं की रजिस्ट्रेशन बधिया करण व दूध की अच्छी कीमत से।

हिमाचल में पशुओं पर अनुसंधान की कमी के कारण यह तय नहीं हो पाया कि ग्रामीण आर्थिकी के लिए इस दिशा में  कौन सी नस्लें बेहतर हैं?

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर विभाग द्वारा ब्रीडिंग पालिसी बनाई गई है। जिसमें यह बताया है कि कौन से क्षेत्र में किस नस्ल की गाय बेहतर उत्पादन योग्य है।

दुधारू पशुओं के अलावा ऐसे कौन से विकल्प हैं जहां ग्रामीण लोग निवेश कर सकते हैं?

मुर्गी पालन, भेड़पालन, बकरी पालन, सूअर पालन, खरगोश पालन, चारा उत्पादन व संरक्षण।

कठिन व्यवसायों में आ रही हिमाचली बेटियों को क्या सलाह देंगी?

जिस प्रकार हिमाचल पर्वतों का प्रदेश है, दृढ़ है किसी भी आपदा को सहन करने की शक्ति रखता है। वैसे ही दृढ़ निश्चय व लगन से कार्य करने पर कठिन काम भी आसान लगते हैं। हिमाचली बेटियां दृढ़ संकल्प वाली बनें।

आपके लिए औरत की शांति और स्वाभिमान क्या है?

एक औरत के लिए शांति सर्वप्रिय है, जो उसे जीवन में आगे बढ़ने में सहायक होती है। क्योंकि शांति ही स्थिरता का सबसे बड़ा प्रतीक है। स्वाभिमान से औरत का मान-सम्मान बढ़ता है। शांति व स्वाभिमान दोनों एक औरत को आगे बढ़ने के लिए जरूरी हैं।

अधिकारी होने के बावजूद आप कितनी गृहिणी?

मैं एक अधिकारी होने के साथ-साथ सफल गृहिणी भी हूं। घर के सभी कामकाज व परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाती हूं। समय के अनुसार अपने दोनों कर्त्तव्य पूरी निष्ठा के साथ करती हूं।

घर और दफ्तर के बीच  आपके व्यक्तित्व का संतुलन, तनाव से दूर रहने के लिए क्या करती हैं?

घर की चिंता घर तक और आफिस की चिंता आफिस तक। दोनों को आपस में सम्मिलित नहीं होने देती। तनाव से दूर रहने के लिए योग व मेडिटेशन करती हूं और हमेशा खुश रहती हूं।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या हिमाचल कैबिनेट के विस्तार और विभागों के आबंटन से आप संतुष्ट हैं?

View Results

Loading ... Loading ...

Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV