महिलाओं के लिए कामयाबी की सीढ़ी बनी स्वां वूमन फेडरेशन

ऊना—ग्रामीण हिमाचल प्रदेश की महिलाओं की आमदनी में स्वां वूमन फेडरेशन (एसडब्ल्यूएफ) की पहलों के सहयोग से सुधार आ रहा है। इसका श्रेय ऊना जिला में स्वां रिवर इंटिग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को जाता है। स्वां वूमन फेडरेशन लगभग 650 स्वयं सहायता समूहों एसएचजी का शीर्ष संगठन है। इन एसएचजी में लगभग दस हजार महिला सदस्य हैं और इस प्रकार फेडरेशन हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं का सबसे बड़ा संगठन है। फेडरेशन के एसएचजी कई गतिविधियों का संचालन करते हैं यह गतिविधियां विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर लक्षित हैं जैसे कृषि आगत और उत्पाद की खरीदी और वितरण बेहतर प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन सामाजिक मुद्दे जैसे पारिवारिक स्वास्थ्य स्वच्छता और बच्चों की शिक्षा। इस यात्रा की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी जब हिमाचल प्रदेश के वन विभाग ने जेआईसीए से प्राप्त 3493 मिलियन जापानी येन लगभग 200 करोड़ के ओडीए लोन की सहायता से स्वां रिवर इंटिग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन शुरू किया। इस परियोजना का लक्ष्य इंटिग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट के माध्यम से जंगलों और कृषि भूमि को बचाना और कृषि तथा वन्य उत्पादों का निर्गत बढ़ाना है। इस परियोजना के तहत वनरोपण, बाढ़ नियंत्रण सुविधाओं का निर्माण, मृदा संरक्षण और भूमि सुधार कृषि विकास और ऊना में आय अर्जन की गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है। अब तक दो करोड़ रुपए के ग्रुप लोन दिए जा चुके हैं, जिनका पुनर्भुगतान महिलाओं ने किया है। स्वां वूमन मल्टीपर्पज को-आपरेटिव सोसायटी की सचिव सुनीता शर्मा ने कहा सदस्यों को एक या दो दिन में सरलता से लोन मिल जाता है। इस सोसायटी की सहायता से महिलाएं अब उच्च दर से ब्याज कमाने के लिए धन जमा कर सकती हैं और बैंक की तुलना में कम ब्याज दर पर लोन ले सकती हैं। फाइनांस तक महिलाओं की पहुंच बड़ी है और वे अपने या अपने परिवार के संबंध में निर्णय ले सकती हैं। फेडरेशन के सहयोग से महिलाओं ने हल्दी उगाई यह ऐसी फसल है जिसे जंगली जानवर बर्बाद नहीं कर पाते हैं। अच्छी फसल से उत्साहित होकर फेडरेशन ने स्वां स्पाइसेस नामक एक यूनिट बनाई जो आवश्यक प्रमाणन के बाद अस्तित्व में आई। फिर स्वां स्पाइसेस ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और भारतीय मिश्रित मसाले जोड़े। स्वां वूमन फेडरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके डोगरा ने कहा स्वां वूमन फेडरेशन की सफलता अब जेआईसीए और राज्य सरकार के लिए एक केस स्टडी है।ड्ड

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