मानसून और विभागीय लापरवाही

 राजेश कुमार चौहान

मानसून हर साल देश के कुछ राज्यों में आफत बनता है। कभी-कभी तो सड़कों-गलियों में बारिश का पानी इस कद्र बढ़ जाता है कि यह लोगों की जान पर भी भारी पड़ जाता है। खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बरसात भारी आफत बन जाती है।   सीवरेज की साफ-सफाई और टूटी सड़कों का निरीक्षण करना तो नगर निगम का कार्य होता है, न कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री या अन्य मंत्रियों का। अतः जब तक नगर निगमों में भ्रष्टाचार व्याप्त रहेगा, तब तक हर मानसून में बारिश आफत बनती रहेगी।

 

You might also like