मेधा प्रोत्साहन योजना उठाएगी कोचिंग का खर्च

चंबा —सिविल सर्विसेज के अलावा अन्य तरह की कंपीटेटिव परीक्षाआंे की कोचिंग लेने के लिए गरीब तबके से संबंध रखने वाले छात्रों के लिए सरकार की ओर से मेधा प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत सरकार की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानांे मंे कोचिंग लेने के  लिए एक लाख एवं संस्थान की ओर से निर्धारित की गई फीस जो भी कम हो मेधा प्रोत्साहन के रूप मंे प्रदान की जाएगी। यह राशि उन छात्रों को मिलेगी, जिनकी पारिवारिक  आय वर्ष में अढ़ाई लाख से कम होगी। योजना के अंतर्गत 350 छात्र लाभान्वित होंगे, जिनमें 200 विज्ञान संकाय, वाणिज्य और कला संकाय से 75, 75 छात्रांे को लाभ प्रदान किया जाएगा। मेधावी छात्रों मंे से सिर्फ उन्हीं छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जो प्रदेश का स्थायी निवासी होगा। योजना का लाभ लेने के लिए बाहरवीं कक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के 75 प्रतिशत, जबकि रिजर्व कैटेगिरी के छात्र 65 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। वहीं, स्नातक में सामान्य वर्ग के 50 प्रतिशत वहीं एससी, एसटी, ओबीसी, आईआरडीपी बीपीएल के छात्र 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उधर, उच्च शिक्षा उप निदेशक देवेंद्र पाल का कहना है कि योग्य छात्र अपना प्रार्थना पत्र भरकर उच्च शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश शिमला को भेज सकते हंै। इसके अलावा उन्होंने सभी पाठशाला प्रभारियों को  सरकार की मेधा प्रोत्साहन योजना को लेकर छात्रों को जागरूक करने को कहा है।

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