वर्जित मार्गों पर पार्क न हों वाहन

शिमला—प्रदेश हाईकोर्ट ने जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक शिमला को आदेश जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शिमला की रिस्ट्रिक्टिड व सील्ड रोड़्स पर कोई भी गाड़ी पार्क न हो। कोर्ट ने इन अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि उक्त सड़कों पर बिना परमिट के गाडि़यों को चलाने की कोई अनुमति न हो। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि शिमला शहर की सभी सड़कों पर गलत पार्किंग न हो और गाडि़यों को केवल पीली व सफेद लाइन के अंदर ही खड़ी करने की इजाजत हो। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दिए आदेशों में शिमला शहर के भीतर किसी भी कंडम गाड़ी की डंपिंग पर रोक लगाते हुए 48 घंटों के भीतर ऐसी गाडि़यां शहर से बाहर करने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने अपने आदेशों में यह स्पष्ट किया कि उपरोक्त आदेशों की अनुपालना के लिए दोनों अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार होंगे। कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी आदेश जारी कर पूरे प्रदेश में गाडि़यों की चेंकिंग कर यह पता लगाने के आदेश दिए कि कोई गाड़ी मिट्टी के तेल से तो नहीं चलाई जा रही। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने शपथपत्र के माध्यम से यह बताने के आदेश भी दिए कि उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा विभिन्न जनहित याचिकाओं में उन्हें दिए गए आदेशों की अनुपालना में क्या क्या कदम उठाए। उन्हें यह बताना होगा कि शिमला शहर के दुकानदारों द्वारा दुकानों पर की गई ओवर हैंगिंग को रोकने व हटाने बारे क्या कार्यवाई की। संबंधित अधिकारियों को दिए आदेशों में हाईकोर्ट ने कहा था कि कोई भी दुकानदार ओवर हैंगिंग नहीं करेगा। ओवर हैंगिंग करने वालों की बिजली पानी काटने के आदेश भी दिए गए थे। कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी अवैध तहबाजारी सड़कों पर या नालियों पर नहीं बैठेगा। शिमला नगर निगम के अधिकारियों को अवैध निर्माण रोकने के आदेश भी दिए गए थे। कोर्ट ने शिमला शहर की सभी सड़कों पर मुफ्त पार्किंग पर रोक लगाने के आदेश भी दिए थे। शिमला में बिना पार्किंग स्पेस का सर्टिफिकेट दिए गाड़ी की रजिस्ट्रेशन न करने को भी कहा गया था। कोर्ट ने यह आदेश मुख्यतः डीसी, एसपी, कमिश्नर नगर निगम शिमला व आरटीओ शिमला को जारी किए थे। कोर्ट ने इन अधिकारियों से उपरोक्त आदेशों की अनुपालना के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी अपने निजी शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को देने के आदेश दिए है। मामले पर सुनवाई 31 जुलाई को होगी।

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