वैज्ञानिक ढंग से संवरेंगी पंचायतें

विज्ञान ग्राम योजना में पांच जिलों की पांच पंचायतें शामिल

शिमला –प्रदेश सरकार की विज्ञान ग्राम योजना के तहत राज्य की पांच पंचायतों में वैज्ञानिक तकनीक से विकास कार्य होंगे। विज्ञान ग्राम योजना के तहत में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत भी शामिल हुई है। प्रदेश सरकार ने इस संदर्भ में अधिसूचना भी जारी कर दी है। जिसमें मंडी, चंबा, शिमला, सिरमौर और कूल्लू जिले की एक-एक पंचायत शामिल की गई है। इसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र की घाट पंचायत भी एक है। जिला सिरमौर की मातल बकोक, जिला शिमला की पिपलीधार, मंडी की घाट, कुल्लू की मोहिनी और जिला चंबा की चांजू पंचायत इस योजना में शामिल है। इन क्षेत्रों में विज्ञान की दृष्टि से विकास कार्य करने के लिए प्रदेश सरकार ने विज्ञान एवं तकनीकी विभाग और ग्रामीण विकास विभाग को कार्य करने का जिम्मा सौंप दिया है। दोनों विभागों ने अपने-अपने आधार पर इन क्षेत्रों की दिक्कतें, लोगों को नई तकनीक से मूलभूत सुविधाएं देने सहित अन्य विकास कार्य करने के लिए सर्वे भी कर लिए हैं। विज्ञान एवं तकनीकी विभाग ने इन पंचायतों के लिए 172 तरह की तकनीकों का डाटा तैयार करने का लक्ष्य रखा है। यहां के लोगों को मशरूम कल्टीवेशन, सोलर पेसिव, जेरेनियम की खेती, पोलिहाउस, एलडीपीई पौंड सहित 19 कार्यों की लिस्ट जारी कर दी है। बताया गया कि इस योजना में लिस्ट की गई तकनीकों के लिए भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई के साथ जल्द ही करार होना है।

मुख्यमंत्री ने पहले बजट में की थी घोषणा

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने पहले ही बजट में विज्ञान ग्राम योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसके मद्देनजर अब विज्ञान, पर्यावरण एवं तकनीकी परिषद ने प्रदेश सरकार की इस नई योजना को लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। इस योजना के तहत ऐसे गांव जो वैज्ञानिक तकनीक से कोसों दूर हैं, यहां विकास की नई गाथा लिखी जाएगी।

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