शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू

वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का यहां एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया. वह 81 वर्ष की थीं. वह लगातार तीन बार (1998-2013) दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अनुसार, उन्हें कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी सासें थम गईं. शनिवार की सुबह उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था. अस्पताल की ओर से कहा गया, ‘उनकी स्थिति अस्थायी रूप से स्थिर हो गई. उन्हें एक और दौरा पड़ा, जिससे उनकी हृदयगति रुक गई और तमाम प्रयासों के बावजूद शाम 3:55 बजे उनका निधन हो गया.’ श्रद्धांजलि देने पहुंचे अन्य नेताओं में कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज पाटिल, अहमद पटेल व जगदीश टाइटलर, लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) नेता शरद यादव और मार्क्‍सवाद कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सीताराम येचुरी व वृंदा करात शामिल रहे. शीला दीक्षित के आवास से निकलने के बाद सिंधिया ने कहा, ‘वह समाज के कल्याण के लिए जीवनभर समर्पित रहीं. यहां तक की जीवन के इस पड़ाव में भी वह हमेशा जनता की आवाज बनी रहीं.’ दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शरद यादव ने कहा, ‘वह मां जैसे स्वभाव की थीं और कोई दावा नहीं कर सकता कि उन्होंने किसी के साथ अभद्रता की हो. मैंने उनके कार्यकाल में दिल्ली को बदलते देखा है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (81) को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ शीला दीक्षित के घर पर पहुंचे. दिल्ली सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सम्मान में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की. शनिवार की शाम उनका निधन हो गया. राजकीय शोक की घोषणा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की. उनके आकस्मिक निधन के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया. शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन के लिए 12 बजे उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस दफ्तर लाया जाएगा. दोपहर 2.30 बजे निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा. दिल्ली बीजेपी ने अपने दो दिन के सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के निगम बोध घाट पर तैयारी की जा रही है. राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट में सीएनजी में किया जाएगा. शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार में वीवीआईपी मौजूद रहेंगे, जिसके चलते सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं. शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय के बाद 1.30 बजे दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन, आईटीओ में अंतिम दर्शन के लिए लाया जाएगा. अंतिम दर्शन के लिए शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर अकबर रोड पर कांग्रेस मुख्यालय में रखा जाएगा.  जहां दोपहर 1.30 बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे. 

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