श्रीखंड कैलाश के दर्शन को छड़ी यात्रा रवाना

निरमंड के दशनामी जूना अखाड़े से आगाज, देश भर के 70 साधु-संत जत्थे में शामिल 

आनी, निरमंड – उत्तरी भारत की सबसे कठिनतम श्रीखंड कैलाश  के दर्शन को  निरमंड के दशनामी जूना अखाड़ा से माता अंबिका और दत्तात्रेय स्वामी की 24वीं छड़ी यात्रा रवाना हो गई । गुरुवार  को  पूजा-अर्चना के बाद  बाबा महंत अशोक गिरि  के नेतृत्व में दोपहर करीब पौने दो बजे इस छड़ी यात्रा को रवाना किया गया। इस दौरान बतौर मुख्यातिथि पहुंचे आनी के विधायक किशोरी लाल सागर ने छड़ी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस छड़ी यात्रा में हर-हर महादेव का जयघोष करते  देश के विभिन्न अखाडों के लगभग 70 साधु भाग ले रहे हैं। श्रीखंड छड़ी यात्रा समिति एवं ग्राम सुधार समिति निरमंड  के अध्यक्ष देवराज कश्यप ने बताया कि यह  यात्रा गुरुवार सांय तक जाओ-सिंहगाढ़ होते हुए भराटी नाला तक पहुंचेगी। श्रीखंड छडी यात्रा 16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन श्रीखंड कैलाश के दर्शन  कर उसी दिन भीमडवार  लौट आएगी। देवराज कश्यप बताया कि छड़ी यात्रा का जत्था 20 जुलाई को जूना अखाड़ा पहुंचेगा, जहां उनके स्वागत व  सम्मान में  भंडारे का आयोजन किया जाएगा।  उन्होंने बताया कि श्रीखंड कैलाश के दर्शनों के लिए निरमंड के जूना अखाड़े से माता अंबिका और दत्तात्रेय स्वामी की छड़ी यात्रा वर्ष 1996 में शुरू की गई थी।  इस वर्ष यह 24वीं छड़ी यात्रा है। बहरहाल, छड़ी यात्रा गुरुवार को श्रीखंड के लिए रवाना हो गई।

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