श्रीखंड यात्रा में आस्था के नाम नशे की डुबकी

कुल्लू – सीएम और एसपी साहब श्रीखंड यात्रा में आस्था के नाम नशे की डुबकी चल रही है। पूरे ट्रैक पर जहां पर भी श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए टैंट लगाए गए हैं। वहां पर पूरी रातभर भोले के नाम भांग के धुंए के छल्ले उड़ाए जा रहे हैं। इस तरह भोले के नाम नशे को पीना गलत है। यह आस्था नहीं बल्कि नशे को बढ़ोतरी दी जा रही है। इस गोरखधंधे में कई लोग जुडे़ हुए हैं। यह शिकायत भारतीय पर्वतारोही ने  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और एसपी कुल्लू को सोशल मीडिया के माध्यम से दी और तुरंत कार्रवाई करने की मांग की, ताकि आस्था को ठेस न पहुंचे। भले ही श्रीखंड यात्रा कठिन और भोगोलिक परिस्थितियों वाली है। ऐसे में नशा कर यात्रा करना किसी जोखिम से कम नहीं है। रातभर नशे में धुत्त होकर कई युवा श्रीखंड यात्रा पर निकल रहे हैं। यह आंखों देखा हाल  भारतीय पर्वतारोही डा. ललित मोहन ने स्वयं यात्रा के दौरान देखा। हर टैंटों में भांग से भरी चिलम चल रही थी। टैंटों में साथ रहने वाले अन्य लोग भांग के धुएं से परेशान हो रहे थे।  पर्वतारोही का कहना है कि श्रीखंड यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को रहने के लिए 500 से अधिक टैंट विभिन्न ठहरावों में पर लगे हुए हैं। लगभग अधिकतर टैंटों में भांग का गोरखधंधा चला हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यहां आस्था के नाम नशे का कारोबार करने वालों पर किसी की नजर नहीं है।  पर्वतारोही ने सोशल मीडिया यानी फेसबुक पर पोस्ट डालकर  सीएम और एसपी कुल्लू को लिखे शिकायत पत्र में प्रश्न किया है कि आस्था के नाम पर नशे का गोरखधंधा कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि श्रीखंड महादेव, जो कि कुल्लू  के बाबीपुल घाटी का हिस्सा  है। श्रीखंड महादेव की यात्रा हर साल सावन के माह मे लगभग दस दिनों के लिए होती है। इन दिनों में हजारों यात्री यात्रा करते हैं। इन दिनों में चरस, भांग आदि नशों का आदान-प्रदान इस घाटी में अपनी चरम पर होता है। मौजूदा समय में भी चल रहा है।  एक अनुमान के साथ इस दौरान भारी मात्रा में आदान-प्रदान होता है।   दिव्य हिमाचल से बात करते हुए पर्वतारोही ने कहा कि बाकायदा उनकी तबीयत भी धुंए से खराब हुई थी। एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कि पहले भी टीम गई है और एक टीम और भेजी  गई है। उन्होंने कहा कि जो भी इस धंधे में संलिप्त होगा। वह जल्द पकड़ा जाएगा। 

मलाणा-कसोल शॉट ले भाई…

पर्वतारोही का कहना है कि रातभर यह सुनकर भी दुख हुआ कि जो लोग नशा ले रहे थे, उससे कसोल और मलाणा शॉट सुनने को मिल रहा था। डाक्टर ललित मोहन का कहना है कि इसलिए जल्द प्रशासन व पुलिस को उचित कदम उठाना चाहिए।

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