सुप्रीम कोर्ट का फैसला: आम्रपाली का रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द, अब NBCC बनाएगा 42000 अधूरे फ्लैट्स

नई दिल्ली – आम्रपाली ग्रुप के अधूरे हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स के मामले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए रियल एस्टेट कंपनी का रेरा रजिस्ट्रेशन कैंसल करने का आदेश दिया। इसके साथ ही आम्रपाली के 42 हजार होम बायर्स को बड़ी राहत देते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा कि नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NBCC) आम्रपाली के अधूरे प्रॉजेक्ट्स को पूरा करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने का आदेश देते हुए कहा कि ग्रुप ने मनी लॉन्ड्रिंग की है। फ्लैटों की बोगस अलॉटमेंट की गई। कोर्ट ने कहा कि डायरेक्टर्स ने बायर्स के पैसे को कहीं और डायवर्ट किया और बिल्डर्स ने इससे भारी मात्रा में पैसा बायर्स से लिया। इस केस में बड़ी धोखाधड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आम्रपाली ग्रुप को नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा दी गई लीज रद्द की जाए। आम्रपाली ग्रुप का रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (RERA) के तहत किया गया रजिस्ट्रेशन रद्द करे का आदेश दिया। होम बायर्स को पेंडिंग अमाउंट 3 महीने में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने को कहा गया है। आर. वेंकट रमानी को कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त को होगी। इससे पहले आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपने आसमान की ऊंचाई तक लोगों को चीट किया है। आपने बायर्स, बैंक और अथॉरिटी सबको चीट किया है। आप लोगों ने गंभीर फ्रॉड किया है। जो भी पावरफुल लोग आपलोगों के पीछे खड़े हैं हम किसी को नहीं छोड़ेंगे, सबके खिलाफ क्रिमिनल केस चलेगा। अथॉरिटी और बैंकर्स ने भी लोगों का विश्वास तोड़ने का काम किया इस कारण बायर्स ने सफर किया है। गौरतलब है कि आम्रपाली के हजारो बायर्स फ्लैट के लिए रकम देने के बावजूद उन्हें फ्लैट नहीं मिला है। सालों से ये बायर्स फ्लैट के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और आम्रपाली के डायरेक्टर की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया। फिलहाल आम्रपाली के सीएमडी समेत अन्य जेल में बंद हैं। 

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