सेब की पेटी 3000 पार, बागबानों के अच्छे दिन

फल मंडियों में बढ़ रही आमद, स्पर वैराटियों की मंडियों में धूम, टाइडमैन को भी मिल रहे बढि़या दाम

ठियोग -स्पर वैराटियों के मार्केट में आने से बागबान मालामाल हो रहे हैं और सेब की प्रति पेटी तीन हजार का आंकड़ा क्रास कर गई है। ढली मंडी के अलावा ठियोग की पराला सोलन परवाणू आदि सेब मंडियों में इस समय स्पर वैरायटी दो हजार से तीन हजार तक बिक रहा है। इस रेट को देखकर लग रहा है कि बागबानों को इस साल बेहतर दाम मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनके अलावा रेड गोल्डन भी नाशपाती एक हजार से 1500 तक बिक रही है। शिमला की भटटाकुफर फल मंडी के बाद ठियोग की ऐतिहासिक पराला फल मंडी ने भी रफ्तार पकड़ ली है। पराला में इस समय टाईडमैन नाशपाती के अलावा स्पर भी आ चुका है। हालंाकि फल मंडी पराला में अभी आढ़ती व लदानी की संख्यां कम है लेकिन बावजूद इसके बागबानों को उचित दाम मिलने से यहां सेब के बाक्स में प्रतिदिन ईजाफा हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 25 जुलाई के बाद पराला में सभी आढ़ती अपना काम शुरू कर लंेगे। पराला में आ रही स्पर वैरायटी करीब तीन हजार तक बिक रही है जबकि कुछेक बागबानों ने 3700 तक भी स्पर बेचा है। पैदावार कम होने से इस बार सेब के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद बागबान लगाए बैठे हैं। इसके अलावा मार्केट में नाशपाती की मोटी डंडी व हाफ रेड की डिमांड ज्यादा आ रही है। सब्जी मंडी में सेब की वैरायटियों में रेड जून व टाईडमैन भी पहुंच रहा है। पराला में टाईडमैन 1000 से 1500 रूपए तक बिक रहा है। जबकि रेड जून 400 से 700 के बीच में चल रहा है। इनके अलावा नाशपाती 1000 से 1600 के बीच चल रही है। ठियोग के पराला में बनी सब्जी मंडी से किसानों बागबानों को काफी सुविधा हुई है। पिछले चार साल से शुरू हुए सेब कारोबार से क्षेत्र के बागबानों को नजदीक में सुविधा मिल गई है। पराला सब्जी मंडी में गत वर्ष भी करोड़ों का कारोबार हुआ था और इस बार भी बागबानों को बेहतर दाम मिलने के आसार लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी शुरूआती दौर में सब्जी मंडी में सेब के बाक्स कम ही नजर आ रहे हैं लेकिन जैसे-जैसे तुड़ान का दौर शुरू होगा पराला मंडी में भी बागबानों की संख्या अधिक देखने को मिलेगी। इसके अलावा शिमला की भटटाकुफर फल मंडी में दिन प्रतिदिन सेब के बाक्स में वृद्वि हो रही है यहां पर भी बागबानों को सेब का सही दाम मिलने से इन दिनों ज्यादातर बागबान भटटाकुफर में ही देखने को मिल रहे हैं। बागवानी विभाग के मुताबिक प्रदेश में साढ़े तीन करोड़ पेटी सेब का उत्पादन होने का अनुमान है। जोकि गत वर्ष की अपेक्षा अधिक है। एपीएमसी के चैयरमेन नरेश शर्मा ने बताया है कि सेब की अधिक पैदावार के कारण अभी यह आंकडा पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि बागबानों को प्रदेश की फल मंडियों में ही अच्छे दाम मिल रहे हैं।

स्पर वैराटियां पहुंच रही मार्केट में

फागू नैना सेब नियंत्रण कक्ष ने 15 जुलाई से काम करना शुरू कर दिया हैं। बारिश के कारण के कारण कुछ दिनों से सेब तुड़ान कम हुआ है लेकिन सीजन धीरे धीरे रफ्तार पकड़ना शुरू हो गया है। इन दिनों स्पर के अलावा टाईडमैन रेड जून आदि मार्केट में आ रहा है।

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