स्कूलों में नर्सरी क्लासें नामंजूर

आंगनबाड़ी वर्कर्ज-हेल्पर्ज में सरकार के खिलाफ रोष, फैसला वापस लेने को उठाई आवाज

मंडी—मंडी के सेरी मंच पर आंगनबाड़ी वर्कर्ज और हेल्पर्ज ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ  जमकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को अतिरिक्त जिला उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा। आंगनबाड़ी यूनियन की सह सचिव राजकुमारी ने कहा कि बाल विकास परियोजनाओं में बच्चों के लिए फ्री शिक्षा का प्रावधान है और विभाग द्वारा स्कूल में पुस्तकें भी फ्री में उपलब्ध करवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा चार से छह वर्ष के बच्चों के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला में नर्सरी कक्षाएं खोलने से आंगनबाड़ी केंद्र प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि आंगनबाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर को हरियाणा सरकार द्वारा घोषित वेतन दिया जाए और आंगनबाड़ी वर्करों को प्री नर्सरी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजकीय प्राथमिक पाठशाला में प्री नर्सरी क्लासें खोलने के आदेश वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार, स्तनपान, गोद भराई, माता का जन्मदिन कार्यक्रम करने के लिए उचित बजट का प्रावधान किया जाए और आंगनबाड़ी वर्करों की सेवानिवृत्ति 65 वर्ष की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे सड़कों पर उतर आएंगे और आमरण अनशन करने से भी परहेज नहीं करेंगे।

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