हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के शेयर बेचने पर जुर्माना

सरकार की अनुमति के बिना हिस्सेदारी और परियोजनाओं का नहीं बदलेगा नाम

शिमला -हिमाचल मंत्रिमंडल ने विद्युत परियोजनाओं का नाम बदलने और इसकी हिस्सेदारी बेचने पर प्रोजेक्टों को जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। कैबिनेट ने तीन ऊर्जा परियोजनाओं के पक्ष में इक्विटी में बदलाव लाने को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा बैठक में कड़ा निर्णय लिया गया कि सरकार की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रोजेक्ट में हिस्से और नाम को बदलने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा करने की स्थिति में विद्युत परियोजनाओं को जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। परियोजना डिवेल्पर को सरकार से स्वीकृति लेने के लिए 60 दिन की अवधि देने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें उन्हें कोई जुर्माना नहीं लगेगा। बैठक में सीधी बिक्री तथा बहुस्तरीय विपणन के व्यापार को नियंत्रित करने तथा उपभोक्ताओं के हितों एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा तथा धोखाधड़ी को रोकने के लिए सीधी बिक्री तथा बहु-स्तरीय विपणन पर वर्तमान नियंत्रण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्टेट डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइंज-2019 को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में डिजाइन तथा निर्माण प्रबंधन के माध्यम से निर्माण तथा गिराए गए भवनों के मलबे को पुनः उपयोग करने तथा निष्पादन के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट पॉलिसी बनाने का निर्णय लिया। इससे खुले में इस प्रकार के मलबे को फैंकने से उत्पन्न होने वाली पर्यावरणीय समस्याओं को रोकने में सहायता मिलेगी। नीति के तहत निर्माण तथा गिराए गए भवनों के मलबे के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी तथा निजी आपरेटरों/एजेंसियों अथवा शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मंडी जिला की ग्राम पंचायत कुकलाह के काशिंबलीधार तहसील बालीचौकी के अंतर्गत कशौड़ पंचायत के चुनानी और चच्योट तहसील की तांदी तहसील में आवश्यक पदों के सृजन सहित स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त  मंडी जिला के शिल्हाणु में दो पदों  के सृजन के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का भी निर्णय लिया  गया है।

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