हिमाचल में मीट का रिकार्ड उत्पादन

 पालमपुर -प्रदेश में मीट उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकार्ड कायम हुआ है और 2018-19 में यह आंकड़ा पहली बार साढ़े चार हजार टन को पार कर गया है। इसमें 50 फीसदी के करीब योगदान शिमला और कांगड़ा जिला का रहा है। 2011-12 में प्रदेश में 3.97, 2012-13 में 4.00, 2013-14 में 3.99, 2014-15 में 4.00, 2015-16 में 4.01, 2016-17 में 4.40 और 2017-18 में 4.49 हजार टन मीट का उत्पादन किया गया, तो 2018-19 में यह ग्राफ 4.60 हजार टन तक जा पहुंचा है। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में मीट की आपूर्ति के लिए सबसे अधिक पोल्ट्री की संख्या उपयोग में लाई जा रही है। 2017-18 में पोल्ट्री से 1.19 हजार टन मीट प्राप्त हुआ था, जो कि 2018-19 में बढ़कर 1.25 हजार टन हो गया है। प्रदेश में मांसाहारी लोगों की पहली पसंद बकरे का मीट है और इसकी आपूर्ति में शिमला और कांगड़ा जिला अग्रणी बने हुए हैं। जिला कांगड़ा में लगातार तीसरे साल मीट उत्पादन का आंकड़ा एक हजार टन को पार कर गया है। 2016-17 में जिला कांगड़ा में 1035.19 टन मीट का उत्पादन हुआ, जो 2017-18 में बढ़कर 1099.12 हजार टन रहा और 2018-19 में 1108.28 हजार टन मीट उत्पादन हुआ है। शिमला जिला में 2016-17 में 994.229 टन, 2017-18 में 1012.229 और 2018-19 में मीट उत्पादन का आंकड़ा 1024.953 हजार टन रहा है। कांगड़ा और शिमला जिला के अलावा प्रदेश का अन्य कोई जिला मीट उत्पादन में तीन सौ टन के आंकड़े को नहीं छू पाया है। 2018-19 में प्रदेश में कुल 4601.27 हजार टन मीट का उत्पादन हुआ, जिसमें जिला मंडी में 295.728, जिला कुल्लू में 230.815, जिला किन्नौर में 121.712, लाहुल-स्पीति में 134.008, चंबा में 108.19, जिला सोलन में 96.607, जिला सिरमौर में 85.488, जिला हमीरपुर में 76.649, बिलासपुर में 40.345 और जिला उना में 26.086 टन मीट का उत्पादन हुआ।

पोल्ट्री मीट ने भी लगाई छलांग

प्रदेश में मीट की डिमांड पूरी करने में पोल्ट्री अहम रोल अदा कर रही है। पोल्ट्री मीट उत्पादन ने गत तीन वर्षों में जबरदस्त छलांग लगाई है। जानकारी के अनुसार 2015-16 तक जहां प्रदेश में पोल्ट्री से मीट की आपूर्ति छह सौ टन से कम थी, वहीं 2016-17 में 1054.755, 2017-18 में 1194.949 और 2018-19 में 1252.406 टन मीट का उत्पादन हुआ है।

 

You might also like