कालका-शिमला रेल टै्रक पर थमे पहिए

सोलन—जिलाभर में भारी बारिश के चलते जहां कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर जगह-जगह मलबा व पत्थर गिरे है, वहीं विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर भी ट्रेन के पहिए थमे है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है। जानकरी के अनुसार शुक्रवार रात से शनिवार दिन तक हुई भारी बारिश से कई जगह पहाड़ दरकने के मामले सामने आए हैं। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रेक पर भी कई जगह मलबा आने से परेशानी हुई है। कनोह और कैथलीघाट रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेक पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से अप शिवालिक एक्सप्रेस को लगभग चालीस मिनट तक दोनों स्टेशनों के बीच रुकना पड़ा है। वहीं कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर भी परवाणू से सोलन(चंबाघाट) तक अधिकतर जगहों पर मलबा व पत्थर सड़क पर आने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी है। हालांकि शनिवार को हाई-वे  पर  जाम  की समस्या से लोगों को नहीं जूझना पड़ा है। पहाडि़यों से मलबा व पत्थर आने से फोरलेन निर्माण कर रही जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर की मशीनों से तुरंत मलबे को हटा यातायात सुचारू रखा है।

इन जगहों पर मलबा आने का खतरा

कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर परवाणू से सोलन के बीच दत्यार, तंबूमोड़, चक्कीमोड़, सनवारा, पट्टामोड़, सीआरपीएफ गेट व बड़ोग बाईपास पर कई जगह भू-स्खलन होने का खतरा बना हुआ है।

मलबे के कारण ये ट्रेनें हुईं लेट

विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे लाइन पर शनिवार को मलबा व पत्थर गिरे हंै। हालांकि रेलवे बोर्ड के कर्मियों द्वारा तुरंत इसे हटा कर ट्रेक को सुचारू किया है। लेकिन केथलीघाट और कनोह रेलवे स्टेशन के बीच भारी मात्रा में मलबा आने से लगभग चालीस मिनट तक शिवालिक एक्सप्रेस को रुकना पड़ा है। इसके पश्चात तुरंत मलबा हटा ट्रेन को रवाना किया है।