1276 आंगनबाड़ी केंद्र किराए पर

हमीरपुर —नौनिहालों को घर-द्वार पर पौष्टिक आहार मुहैया करवाने के लिए प्रदेश में शुरू किए गए आंगनबाड़ी केंद्रों को आज तक अपनी छत नसीब नहीं हो पाई है। आलम यह है कि कई वर्षों से ये केंद्र किराए की बिल्डिंगों में चल रहे हैं, क्योंकि अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण इलाकों मंे हैं ऐसे में कई जगह तो यह ऐसे कमरों में चल रहे हैं, जिनकी हालत काफी खस्ता है। जिला हमीरपुर की ही बात करें, तो यहां मौजूदा समय में 1352 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से मात्र 76 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जिनके अपने भवन हैं बाकि सब किराए के भवनों में हैं। बता दें कि प्रदेश में इस योजना को शुरू हुए 20 साल से अधिक का समय हो चुका है। ऐसे में आंगनबाड़ी को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। वैसे भी जिस तरह से सरकारी स्कूलों में नर्सरी और प्री नर्सरी शुरू हो गई है इसे देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों पर खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है, क्योंकि अभिभावकों ने तीन साल तक के बच्चों को स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है। ऐसे में आंगनबाड़ी कंेद्रों में नौनिहालों का आंकड़ा गिरने लगा है। उधर, हमीरपुर में प्रशासन जिले में किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि जो आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं उन्हें चिह्नित कर ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से इनके लिए भवन निर्मित किए जाएंगे। एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता इत्यादि के बारे में ब्यौरा शीघ्र प्रस्तुत करें। एडीसी रतन गौतम की ने बताया कि विभिन्न विभागों के साथ मीटिंग की गई है जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों का ब्योरा मांगा गया है कि वे किस हाल में चल रहे हैं ताकि उनके लिए खुद के भवनों को निर्माण करवाया जाए।

बंद करवाए गए खनन मार्ग

एडीसी ने बताया कि नदियों व खड्डों की ओर बने अनाधिकृत सड़क मार्गों को बंद करने के लिए खनन विभाग सहित अन्य सभी संबंधित विभाग नियमित व एकजुट कार्रवाई कर रहे हैं। हाल ही में जिला प्रशासन के निदेर्शों के उपरांत कुनाह व शुक्कर खड्ड के लिए विभिन्न स्थानों पर बने ऐसे दो-दो सड़क मार्गों तथा नादौन के समीप ब्यास नदी की ओर बने तीन मार्गों को खनन विभाग द्वारा बंद करवाया गया है। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग व आदेशक, गृह रक्षक वाहिनी से आग्रह किया कि शहर में आवश्यकता के अनुसार फायर हाइड्रेंट स्थापित करने के लिए प्राक्कलन तैयार कर आगामी कार्रवाई समय रहते पूर्ण कर लें।

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