अगले बोल्ट माने जा रहे रामेश्वर ने किया निराश

भोपाल – सोशल मीडिया पर अगले उसेन बोल्ट कहे जा रहे मध्य प्रदेश के धावक रामेश्वर गुर्जर ने सोमवार को अपनी दौड़ का टेस्ट दिया। रामेश्वर ने भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में अपना पहला ट्रायल दिया। हालांकि गुर्जर अपने इस टेस्ट में वह लय नहीं दिखा पाए, जिसके चलते वह सुर्खियों में आए थे। वह छह खिलाडि़यों के बीच ट्रायल में सबसे आखिरी पायदान पर रहे। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट कर खुद माना कि सुर्खियों में आने के चलते उन पर दबाव इतना बढ़ गया कि वह परफॉर्म नहीं कर पाए। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने रामेश्वर गुर्जर के ट्रायल का वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट करते हुए यह जानकारी दी। खेल मंत्री ने लिखा कि रामेश्वर गुर्जर का ट्रायल टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहां साई और राज्य सरकार के कोच मौजूद थे। रामेश्वर वीडियो में सबसे बाईं ओर (लेन 9) में दौड़ रहे हैं। सुर्खियों में आने के चलते उन पर प्रदर्शन का दबाव इतना था कि वह अच्छा परफार्मेंस नहीं दे पाए। हम उन्हें पर्याप्त समय और ट्रेनिंग देंगे। गुर्जर उस वक्त सुर्खियों में आए, जब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनका एक विडियो ट्वीट करते हुए खेल मंत्री मे उन्हें मदद की गुहार लगाई थी। इस वीडियो में दावा किया गया था कि गुर्जर 11 सेकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी कर रहे हैं। इसके बाद खेल मंत्री ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और उन्हें साई केंद्र पर ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया। इसी कड़ी में गुर्जर ने सोमवार को अपना पहला ट्रायल दिया।

12.90 सेकंड का समय निकालने के बाद बोले, जूते डालकर नहीं दौड़ पाया

रामेश्वर ट्रॉयल्स में छह अन्य एथलीटों के साथ दौड़े, लेकिन वह आखिरी नंबर पर रहे। उन्होंने अपने रेस को पूरा करने के लिए 12.90 सेकंड का समय लिया, जो अंतरराष्ट्रीय क्या, राष्ट्रीय मानकों पर भी कहीं नहीं ठहरता। भारत में 100 मीटर का राष्ट्रीय रिकार्ड 10.26 सेकंड है। रामेश्वर के साथ दौड़े आयुष तिवारी पहले स्थान पर रहे। रामेश्वर ने ट्रॉयल्स में फेल होने पर कहा कि पहली बार ट्रैक पर जूते पहनकर दौड़ा इसलिए पीछे रह गया। उन्होंने कहा कि उनकी कमर में दर्द भी था, लेकिन वह एक महीने बाद फिर से लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।

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