आठ माह से बिना वेतन आशा वर्कर्ज

पांवटा साहिब में आशा वर्कर्ज यूनियन की बैठक में समस्याओं पर मंथन, पगार न मिलने से बढ़ी दिक्कतें

पांवटा साहिब –आशा वर्कर्ज यूनियन पांवटा साहिब का कहना है कि वह पिछले आठ माह से बिना वेतन कैसे गुजारा कर रही हैं यह वे ही जानती हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है। सरकार हर स्तर पर उनसे काम तो बराबर ले रही है, लेकिन वेतन नहीं दे रही है जिस कारण उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पांवटा साहिब में आशा वर्कर्ज यूनियन की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता यूनियन की प्रधान राजबाला ने की। इस बैठक में इंटक के जिलाध्यक्ष सुभाष शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे। बैठक में आशा वर्कर्ज ने अपनी समस्याएं इंटक जिलाध्यक्ष सुभाष शर्मा के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने की मांग रखी। आशा वर्कर्ज ने बताया कि इतनी अनदेखी कोई सरकार कैसे कर सकती है। आठ महीने हो गए उन्हें वेतन न मिले हुए, जिस कारण उनके घर का चूल्हा नहीं जल रहा। वेतन के साथ-साथ इंसेंटिव भी नहीं मिल रहा जिससे वह परेशानी में हैं। आशा वर्कर्स ने सरकार से मांग की है कि उन्हें रूका हुआ आठ माह का वेतन तुरंत जारी किया जाए। इस दौरान आशा वर्कर्स ने साफ तौर पर कहा कि यदि 15 दिन के भीतर उनका आठ माह का रुका हुआ वेतन नहीं दिया गया तो वह आंदोलन करेगी। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष इंटक सुभाष शर्मा ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार से मिला जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आशा वर्कर्स का वेतन कम से कम 15 हजार रुपए मासिक किया जाए। साथ ही उन्होंने आशा वर्कर्स को कहा कि सितंबर माह में आशा वर्करों की एक कार्यशाला का आयोजन नाहन में किया जा रहा है, जिसमें डा. संर्दशन दिल्ली से और सनसुमन चैन्नई से आकर आशा वर्कर्ज को संबोधित करेंगे। इसमें जिला सिरमौर से करीब 30 वर्कर्ज को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर यूनियन की प्रधान राजबाला, महिंद्रो देवी, शबाना, मीरा देवी, बलजीत कौर, सरोज, कमलेश, अनुराधा, संगतो देवी, सत्या देवी और कमला देवी आदि कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं।

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