आयुर्वेद डाक्टरों की सौ पर्चियों का ऑडिट

रिपोर्ट आने के बाद ऐलोपैथी दवा लिखने वाले चिकित्सकों की होगी खिंचाई

 शिमला -प्रदेश में आयुर्वेदिक डाक्टर की पर्ची पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश भर से सौ पर्चियों पर लिखी गई दवाआें का पर्ची ऑडिट किया जा रहा है। सूचना है कि प्रदेश के सभी जिलों से एक सैंपल के तौर पर पर्चियों को जांचा गया है, जिस पर रिपोर्ट जल्द तैयार कर दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर आयुर्वेद विभाग में भी अब आयुर्वेद डाक्टरों द्वारा लिखी जा रही पर्चियों के ऑडिट करने की योजना तैयार की गई है, जिस पर अब कार्रवाई अमल में लाई जाने वाली है। हालांकि पहले आयुर्वेद डाक्टर को इस मामले में नोटिस जारी किया जा चुका है अब अन्य पर नजर रखी जा रही है। ऑडिट को लेकर जिला आयुर्वेद अधिकारियों को ऑडिट का जिम्मा सौंपा जाना तय किया गया है। डाक्टरों द्वारा लिखी गई पर्ची में दवा की लिस्ट भी तैयार की जा रही है। आयुर्वेद विभाग अभी हाल ही में डाक्टरों को यह निर्देश जारी कर चुका है कि जो आयुर्वेद डाक्टर आयुष द्वारा तय की गई ऐलोपैथी जीवनरक्षक दवा के अलावा ऐलोपैथी दवा लिखेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, लेकिन चिकित्सकों पर अब चैक रखने और आगामी कार्रवाई अमल में लाने के लिए विभाग ने यह फार्मूला निकाला है। इसमें यदि पर्ची ऑडिट में तय ऐलोपैथी दवाआें के अलावा दवाएं लिखी पाई गई, तो आयुर्वेद डाक्टरों की एसीआर को भी खराब किया जा सकता है। इसमें अभी की जा रही पर्ची ऑडिट से कुछ नया निकल कर सामने आ सकता है, तो डाक्टरों की खिंचाई तय है। आयुर्वेद विभाग ने इसे लेकर सभी डाक्टरों को एक सर्कुलर भी जारी कर दिया है, जिसमें जारी लिस्ट में डाक्टर उन ऐलोपैथी जीवनरक्षक दवाआें को लिख सकता है, जो आयुष के तहत मान्य है। इस बात को विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आयुर्वेद दवा का साइडइफे क्ट नहीं होने की वजह से कई लोग चाहते हैं कि उनका इलाज आयुर्वेद में चले, लेकिन मरीज को तुरंत राहत देने के चक्कर में आयुर्वेद डाक्टरों द्वारा मरीज को स्टीयोरॉयड देने की शिकायतें मिल रही हैं। जिस पर विभाग ने पकड़ शुरू क र दी है।

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