ईयरफोन का ज्‍यादा इस्‍तेमाल बीमारियों का कारण

इसका ज्यादा इस्तेमाल बहुत सी बीमारियों को न्योता देने के साथ-साथ कई बार दुर्घटना का कारण भी बन जाता है। मनोरंजन के लिए गाने सुनना हो या देर रात लैपटॉप में मूवी देखना, ईयरफोन का प्रयोग करना एक आम बात है। हम बस, मेट्रो या कैब में ट्रेवल करते हैं तब भी  ईयरफोन लगा लेते हैं…

घर में, सफर में या आफिस में हमारी सुविधा के लिए बनाया गया ईयरफोन हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है। इसका ज्यादा इस्तेमाल बहुत सी बीमारियों को न्योता देने के साथ-साथ कई बार दुर्घटना का कारण भी बन जाता है। मनोरंजन के लिए गाने सुनना हो या देर रात लैपटॉप में मूवी देखना ईयरफोन का प्रयोग करना एक आम बात है। हम बस, मेट्रो या कैब में ट्रेवल करते हैं तब भी  ईयरफोन लगा लेते हैं। टाइमपास कहा जाए या फिर बाहर के परिवेश से अलग अपने में ही बिजी दिखाने का तरीका ईयरफोन हमारा सबसे अच्छा साथी होता है। हम मोबाइल, टैब या लैपटॉप में क्या देख या सुन रहे हैं ये बाहर वाले को पता भी नहीं चलता, क्योंकि ईयरफोन लगाने से आवाज सिर्फ हमारे कानों तक ही पहुंच पाती है। यही नहीं कुछ जॉब्स जैसे कॉल सेंटर आदि में भी ईयरफोन लगाकर बात करना जरूरी होता है। जैसे कि हर एक चीज के दो पहलू हैं सकारात्मक और नकारात्मक वैसे ही ईयरफोन भी इससे अछूता नहीं है।  ईयरफोन जो हमारी सुविधा का एक मुख्य साधन है वो जाने-अनजाने कई बीमारियों को न्योता देता है। आइए आपको बताते हैं ऐसी कौन सी बीमारियां हैं जो  ईयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती हैं।

श्रवणशक्ति कम होना- ईयरफोन के लगातार प्रयोग से सुनने की क्षमता कम होने लगती है।  यदि कोई व्यक्ति दिन में दो घंटे से ज्यादा 90 डेसिबल से अधिक आवाज में गाने सुनता है तो वो बहरेपन का शिकार होने लगता है। हमे चाहिए कि ईयरफोन की वॉल्यूम को नार्मल रखें और बहुत देर तक लगातार इसका इस्तेमाल न करें। 

हार्ट प्रॉब्लम्ज – ज्यादा तेज आवाज आपके कान के साथ-साथ आपके हार्ट को भी नुकसान  पहुंचा सकती है। जब हम तेज आवाज में गाने सुनते हैं तो हमारी हार्ट बीट भी बढ़ जाती है और इससे हार्ट को नुकसान पहुंच सकता है।  सिर दर्द और माइग्रेन की समस्या ईयरफोन का अधिक इस्तेमाल हमारे मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है इससे निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों के प्रभाव से  तेज सिर दर्द और माइग्रेन तक हो जाता है।

ईयर इन्फेक्शन – बहुत बार हम किसी अन्य व्यक्ति जैसे दोस्तों या साथ में काम करने वाले लोगों का ईयरफोन शेयर कर लेते हैं, जिससे कान में इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। कोशिश करनी चाहिए कि किसी और का ईयरफोन इस्तेमाल न करें। 

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