एचपीयू से पूछा, कहां है पॉब्लम

प्रदेश विश्वविद्यालय की वित्तीय स्वायतता बहाली पर सरकार ने जताई आपत्ति

शिमला -हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वित्तीय स्वायतता बहाली को लेकर सरकार ने कुछ आपत्तियां जाहिर की हैं। एचपीयू द्वारा सरकार को भेजे गए पत्र पर सरकार ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा है कि उन्हें ऑर्डिनेंस 28/1 को बहाल करने की ऐसी क्या जरूरत है। वहीं, सरकार एचपीयू से अब यह भी जानेगी कि पांच साल से वित्तीय स्वायतता के बहाल न होने पर एचपीयू को बजट समय पर न मिलने की वजह से क्या दिक्कतें फेस कर रहा है। सरकार ने शिक्षा विभाग को इस बाबत एचपीयू के रजिस्टार से इस मामले पर जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने एचपीयू को इस बाबत लेटर जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। वहीं यह सपष्ट किया है कि विस्तृत रूप से इस बारे में एचपीयू जानकारी दें। बता दें कि एचपीयू के लिए ओर्डिनेस 28, 1 के तहत वित्तीय स्वायतता बहाली का लंबे समय से इंतजार है। एचपीयू ने सरकार को इस बारे में पत्र भी लिखा था। एचपीयू के इसी पत्र पर सरकार फैसला लेने से पहले पूरी स्थिति समझना चाह रहे हैं। फिलहाल इस मामले पर एचपीयू ने साफ  कहा है कि वित्तीय स्वायतता बहाल होने से एचपीयू के फाइनेंस की वजह से रुके कई कार्यों में स्फूर्ति आ सकती है। गौर हो कि वर्ष 2015 में पूर्व कांग्रेस की सरकार ने एचपीयू की वित्तीय स्वायतता पर रोक लगाई थी। वहीं इससे पहले बीजेपी के कार्यकाल में भी एचपीयू के इस अधिकार को खत्म कर सरकार के अंडर लाया था। इसकी वजह सरकार ने यह बताई थी कि एचपीयू कोई भी बजट अपनी मर्जी से खर्च नहीं कर सकता है। विश्वविद्यालय को बजट खर्च करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। एक यह वजह भी बताई जा रही है कि सालों से बजट होने के बाद भी एचपीयू अपने ही बजट को खर्च करने के लिए लंबे प्रोसेस के चक्कर में पड़ रहे हैं।

अब एचपीयू का बजट ज्यादा

दरअसल सरकार का एक पक्ष अब यह भी है कि एचपीयू के बजट में कुछ सालों से काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में इतने बजट का जिम्मेदार पूरा एचपीयू को भी नहीं बनाया जा सकता। बता दें कि इस साल भी एचपीयू को सरकार से 150 करोड़ की ग्रंाट मिली है।

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