एपीजी विवि में ओरिएंटेशन प्रोग्राम

शिमला –एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के नए सत्र के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम बुधवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉक्टर रमेश चौधरी मौजूद रहे। कार्यक्रम के शुरूआत में विश्वविद्यालय की बीबीए 5वें संकाय की छात्रा वैशाली ने गणेशा वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के मुख्यातिथि उपकुलपति डॉक्टर रमेश चौधरी ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में अनुशासित और नियमित रहने के लिए की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नियमित कक्षा में आएं और ट्यूशन से दूर रहें। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में बिभिन्न देशों के बच्चे पढ़ाई करके अपना भविष्य संवारने आए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में करीब 28 देशों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी को उच्च तथा बेहतर शिक्षा देने एपीजी विश्वविद्यालय का दायित्व है। डॉक्टर चौधरी ने बताया कि इसके अलावा देश के विभिन्न प्रांतों से भी अलग – अलग संकायों में बच्चे शिक्षा ग्रहण करके देश – विदेश में अपना नाम कमा रहे हैं। विश्वविद्यालय के कुल सचिव राजन सहगल ने छात्र – छात्राओं को शिष्टाचार का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए शिष्टाचार जरूरी है। डीन अकादमिक डॉक्टर कुलदीप कुमार ने विश्वविद्यालय के अब तक के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय पूरी तरह से रैंगिंग मुक्त है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। मंच संचालन डॉक्टर कुशा पंडित चावला ने किया। इस मौके पर सभी संकायों के विभागाध्यक्षों के अलावा नेहा रूक्टा, विपनेश, रोहित चौहान, कैप्टन रिणु सुनील शर्मा समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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