कठलग में टूटा कहर…दस घर तबाह

रेस्क्यू  टीम ने बचाई 23 जिंदगियां; 200 बीघा भूमि बर्बाद, छह गोशालाएं भी जमींदोज

घुमारवीं -मूसलाधार बारिश ने जिला बिलासपुर की कसारू पंचायत के कठलग (करयालग) गांव में कहर मचाया। बारिश से दस मकान, छह गोशालाएं जमींदोज हो गईं। बारिश की इस तबाही से सात परिवार बेघर हो गए। सात परिवारों के 23 लोगों को रेस्क्यू करके बाहर निकाला। परिवार के सदस्यों को रस्सों के सहारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। लैंड स्लाइडिंग से करीब 200 बीघा भूमि चपेट में आ गई। मकानों के चारों ओर लैंड स्लाइडिंग होने से 23 जिंदगियां दो घंटे सांसत में रहीं। लैंड स्लाइडिंग की सूचना पाकर प्रशासन, पुलिस व फायर बिग्रेड की टीमें मौके पर पहुंची।   विधायक राजेंद्र गर्ग, पूर्व विधायक राजेश धर्माणी, विधायक की पत्नी राजकुमारी गर्ग, कार्यकारी उपायुक्त विनय धीमान, एसडीएम शशिपाल शर्मा, डीएसपी राजेंद्र जसवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीडि़त परिवारों को ढांढस बंधाया। विधायक राजेंद्र गर्ग ने प्रशासन को पीडि़त परिवारों की मदद देने के निर्देश दिए तथा इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी स्थिति से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आपात स्थिति होने पर हेलिकॉप्टर भेजने की हामी भर दी थी, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों ने साहस दिखाकर संकट में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया, जबकि पशुओं के रस्से खोल दिए थे, जिन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। स्वस्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीडि़त परिवारों के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच की। बेघर हुए सात परिवारों में श्याम लाल, जयदेई, रणजीत सिंह, नंद लाल, सुखदेई, बलवंत सिंह व विमला देवी शामिल हैं। रविवार सुबह के करीब पांच बजे जब कठलग निवासी श्याम लाल का बेटा अपने कमरे से बाहर निकला, तो उसने देखा कि उनके मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई और उसने अपने पिता श्याम लाल को उठाया। श्याम लाल जब बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि मकान दरक रहे थे और जोर-जोर से आवाजें भी आ रही हैं। उन्होंने अपने पड़ोसी बलवंत पटियाल को फोन कर बात बताई और सुरक्षित स्थान पर आने को कहा। सभी परिवारों के लोग एक पहाड़ी पर जा कर खड़े हो गए। अभी वहां खड़े ही थे कि देखा तो दूसरी ओर से भी पहाड़ी दरक रही है। उन्होंने कठलग गांव के लोगों को फोन पर इसकी सूचना दी। छह बजे के करीब लोग भागकर वहां पहुंचे। इस दौरान प्रशासन व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। गांव के युवाओं की टोली ने रस्से का सहारा लेकर जिंदगी और मौत से जूझ रही 23 जिंदगियांे को बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस जवान भी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि जैसे ही उन लोगों को बाहर निकाला, तो जिस पहाड़ी पर सात घरों के लोग खड़े थे। वह पहाड़ी भी दरकना शुरू हो गई। रेस्कयू में जुटे लोगों ने हिम्मत का परिचय देते हुए गोशालाओं में बंधे पशुओं को भी खुला छोड़ दिया। प्रशासन ने लैंडस्लाइड हो रही सारी जमीन को चारों ओर से लोगों के लिए आने-जाने के लिए बंद कर दिया है। इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष राकेश चोपड़ा, पंचायत प्रधान कपिल देव, उपप्रधान अमरजीत, बीडीओ जीत राम, एसएचओ राकेश, अश्वनी रतवान, सुरेश चोपड़ा व पार्षद श्याम लाल शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।  

प्रशासन ने पीडि़त परिवारों को दी फौरी राहत

प्रशासन की ओर से एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा भी घटना पर पहंुचे। उन्होंने पीडि़त परिवार के सदस्यों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। मौका स्थल पर उन्होंने पीडि़त परिवारों को फौरी राहत के तौर पर 40-40 हजार, एक-एक तिरपाल तथा खाने-पीने की सामग्री फौरी राहत के तौर पर दी, जबकि बेघर हुए लोगों को ठहरने की भी उचित व्यवस्था लोगों की सहायता से की।

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