कश्मीर पर फर्जी दावे कर घिरीं शहला राशिद

नई दिल्ली – जेएनयू छात्रा और पूर्व छात्र संघ लीडर शहला राशिद कश्मीर पर किए गए विवादित ट्वीट के बाद लगातार घिरती नजर आ रही हैं। सेना ने शहला के आरोपों को खारिज करते हुए इसे तथ्यहीन बताया और अब उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई गई है। वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सर्वोच्च न्यायाल को दी गई गई अपनी शिकायत में झूठ फैलाने और गुमराह करने का आरोप लगाते हुए शहला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। शहला ने कश्मीर में हालात बेहद खराब होने का दावा करते हुए रविवार को कई ट्वीट किए थे।शहला राशिद खुद भी कश्मीरी हैं और मूल रूप से श्रीनगर की रहने वाली हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही वह ट्विटर पर सरकार के खिलाफ लगातार सक्रिय हैं। रविवार को शहला ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर फर्जी दावा किया कि कश्मीर में हालात चिंताजनक है। सेना और पुलिस के लोग आम नागरिकों के घर घुस रहे हैं और उन्हें सताया जा रहा है। उन्होंने शोपियां में सुरक्षाबलों द्वारा कुछ लोगों को जबरन हिरासत में लेने और उन्हें प्रताडि़त करने का आरोप लगाया। शहला ने लगातार कई ट्वीट कर कश्मीर में हालात बेहद चिंताजनक होने का दावा किया। शहला के ट्वीट्स को वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में आधार बनाया है और शहला के खिलाफ आईपीसी की 124 ए, 153, 153ए, 504, 505 और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि शहला ने अपने ट्वीट्स के जरिए भारतीय सेना पर निराधार आरोप लगाए है,उसके खिलाफ देशद्रोह और समुदाय के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। इसी बीच, कश्मीर की स्थिति को लेकर किए उनके ट्वीट पर सेना की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। सेना ने शहला के सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये बेबुनियाद और तथ्यहीन दावे हैं, जिनमें कोई सचाई नहीं है। सैन्य बलों और प्रशासन का कहना है कि कश्मीर में स्थिति शांतिपूर्ण हैं और हालात नियंत्रण में है। उधर, सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज होने के बाद शहला ने कहा कि यह कश्मीर से मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। सत्तारूढ़ पार्टी के राजनीतिक एजेंडा को पूरा करने के लिए घाटी में खुलआम मानवाधिकार उल्लंघन किया जा रहा है। उधर, जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य बनाए जाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सोमवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। श्री डोभाल ने श्री शाह को जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार बैठक में जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ वहां एहतियातन उठाए जा रहे कदमों तथा पाबंदियों में ढील और भविष्य की रणनीतियों के बारे में भी बातचीत हुई। इसी बीच सोमवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने वहां लगी पाबंदियों में ढील दी, जिससे कश्मीर में लगभग 200 प्राइमरी स्कूलों को खोलने की अनुमति दी गई थी। हालांकि स्कूलों में नाम मात्र ही छात्र पहुंचे। हालांकि सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह आवाजाही बढ़ रही है और बाजार भी धीरे-धीरे खुल रहे हैं।

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