कालिका सहस्रनाम

-गतांक से आगे…

शुद्धा तरंगिणी मेधा शाकिनी बहु-रूपिणी।

सदानंद-मयी सत्या सर्वानंद-स्वरूपणि।। 31।।

स्थूला सूक्ष्मा सूक्ष्म-तरा भगवत्यनुरूपिणी।

परमार्थ-स्वरूपा च चिदानंद-स्वरूपिणी।। 32।।

सुनंदा नंदिनी स्तुत्या स्तवनीया स्वभाविनी।

रंकिणी टंकिणी चित्रा विचित्रा चित्र-रूपिणी।। 33।।

पद्मा पद्मालया पद्म-मुखी पद्म-विभूषणा।

शाकिनी हाकिनी क्षांता राकिणी रुधिर-प्रिया।। 34।।

भ्रांतिर्भवानी रुद्राणी मृडानी शत्रु-मर्दिनी।

उपेंद्राणी महेशानी ज्योत्स्ना चंद्र-स्वरूपिणी।। 35।।

सूर्य्यात्मिका रुद्र-पत्नी रौद्री स्त्री प्रकृतिः पुमान्।

शक्तिः सूक्तिर्मति-मती भक्तिर्मुक्तिः पतिव्रता।। 36।।

सर्वेश्वरी सर्व-माता सर्वाणी हर-वल्लभा।

सर्वज्ञा सिद्धिदा सिद्धा भाव्या भव्या भयापहा।। 37।।

कर्त्री हर्त्री पालयित्री शर्वरी तामसी दया।

तमिस्रा यामिनीस्था न स्थिरा धीरा तपस्विनी।। 38।।

चार्वङ्गी चंचला लोल-जिह्वा चारु-चरित्रिणी।

त्रपा त्रपा-वती लज्जा निर्लज्जा ह्नीं रजोवती।। 39।।

सत्ववती धर्म-निष्ठा श्रेष्ठा निष्ठुर-वादिनी।

गरिष्ठा दुष्ट-संहत्री विशिष्टा श्रेयसी घृणा।। 40।।  

You might also like