केरल में भारी बारिश, मृतकों की संख्या बढ़कर 44 हुई

तिरुवनंतपुरम-केरल के बहुत हिस्सों में शनिवार से लगातार भारी बारिश हो रही है और वर्षाजनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। इस बीच 29,997 परिवारों के करीब 1,08,138 लोगों को 988 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया गया है।  आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले तीन दिनों में वर्षाजनिक घटनाओं में वायनाड जिले में 11 , मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में 10-10, इडुक्की जिले में चार, कोल्लम जिले में तीन, अलप्पुझा, त्रिशूर और कन्नूर जिले में दो-दो लोगों की मौत हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्य में भारी बारिश के दौरान अब तक 80 भूस्खलन होने तथा कई लोगों के लापता होने की रिपोर्टें हैं।  उन्होंने कहा कि अपुष्ट रिपोर्टाें के मुताबिक भूस्खलनों के बाद 41 लोग लापता हैं । उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (केएसईबी) के नौ सब स्टेशन बंद कर दिये गये हैं और चार बिजली घरों को मरम्मत कार्य के लिए बंद करना पड़ा जिसकी वजह से 15.6 लाख कनेक्शन की बिजली आपूर्ति बाधित है। बिजली की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना, नौसेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, तटीय गार्ड, पुलिस, दमकल कर्मी समेत कई एजेंसियां बचाव अभियान में लगी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से खाद्य पदार्थों से भरे पैकेट गिराये जा रहे हैं।  उन्होंने बचाव अभियान के लिए अनुभवी और प्रशिक्षित लोगों की सहायता भी मांगी और लोगों से दुर्घटनाओं से बचने के लिए ऐहतियाती कदम उठाने को लेकर अधिकारियों की सलाह मानने के लिए भी कहा।  श्री विजयन ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों को फैलाकर आम लोगों में डर पैदा करने वाले लोगों की आलोचना भी की।  

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