चार दिन भी नहीं टिक पाईं लाखों की टाइलें

बिझड़ी बाजार में गाडि़यों के गुजरते ही बैठीं; लोगों में रोष, भारी वाहन गुजरते ही स्थिति और भी होगी बदतर

बिझड़ी –बिझड़ी बाजार में लगाए गए पेवर ब्लॉक्स की सच्चाई पहली बारिश में ही सामने आ गई है। बिना पक्का बेस बनाए डाले गए पेवर ब्लॉक्स बुरी तरह से धंसने शुरू हो चुके हैं, जबकि अभी इन पर ट्रैफिक शुरू हुए मात्र चार दिन ही हो पाए हैं। बताते चलें कि बिझड़ी के 800 मीटर लंबे बाजार में तीन ठेकेदारों के माध्यम से लोक निर्माण विभाग द्वारा यह काम करवाया गया है, लेकिन जिस ठेकेदार ने सबसे पहले बीच बाजार में टाइलें लगाईं, वे एक भी बारिश नहीं झेल पाईं और कई जगह से टाइलें सड़क की एक तरफ व बीच से बैठ गई हैं। बीच बाजार  में लगी टाइलों के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि आनन-फानन में ही विभाग द्वारा ठेकेदार से टाइलें लगवा दी गईं, परंतु वे  मापदंड पर सही नहीं उतर पाई हैं। हालांकि कार्य के दौरान मीडिया द्वारा उक्त मुद्दा उठाया भी गया था। इसके बाद चीफ इंजीनियर व विभाग के अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन उनके दौरे से पहले बिना कंकरीट का बेस बनाए ही टाइलें बिछाई जा चुकी थीं। अधिकारियों के आदेश के बाद बाकी के पोर्शन पर कंकरीट डालने के आदेश दिए गए। लोगों के सवाल पर अधिकारियों का कहना था कि रेत के बेड पर बिछाई गई टाइलें भी नहीं उखड़ेंगी, लेकिन अब चार दिनों में ही सच्चाई सामने आ चुकी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कारण है कि चार दिनों में ही सड़क की यह हालत हो गई है। डेढ़ महीने तक सड़क बंद रखने, व्यापार में नुकसान झेलने व लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी विभाग के कार्य में गुणवत्ता कहीं भी नजर नहीं आ रही है। सड़क पर बिछाई गई टाइलों के बीच खड़ा पानी सारी हकीकत बयान कर रहा है। व्यापार मंडल प्रधान बब्बी शर्मा, रजनीश, परविंदर, रोशन लाल, दिनेश शर्मा व अन्य का कहना है कि विभाग द्वारा करवाए गए कार्य से हम लोग अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ठेकेदार के मुताबिक उसने विभागीय निर्देशों के मुताबिक ही काम किया है। अब सवाल यह उठता है कि अगर विभाग को अपने अधिकारियों की कार्यकुशलता पर पूरा भरोसा था, तो फिर बाकी के हिस्से के लिए कार्यप्रणाली क्यों बदली गई। लोगों का कहना है कि इस सारे मामले में गड़बड़ी की जांच सामने आनी चाहिए। अगर चार दिनों बाद ही रिपेयर करनी पड़े, तो ऐसे कार्य को कोई भी सही नहीं ठहरा सकता। इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनिल शर्मा का कहना है कि अगर कहीं टाइलें बैठ गई हैं, तो उन्हें  ठीक करवा दिया जाएगा।

 

 

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