छत से पांच मीटर ऊपर तक हो सकते हैं रोप-वे

शिमला – आकाशीय रज्जु मार्ग को लेकर लाए गए संशोधन विधेयक को सत्तापक्ष के बहुमत से पारित कर दिया गया। विपक्ष ने इस संशोधन विधेयक पर कई तरह के सवाल उठाए, मगर सीएम ने इनका जवाब देने के साथ ही इसे बहुमत से पारित करने का प्रस्ताव रखा। विपक्ष के आरोप थे कि सरकार निजी कंपनियों को लूट-खसोट का मौका दे रही है। इससे मुख्यमंत्री ने साफ इनकार किया और कहा कि प्रदेश के विकास में रोड़ा अटकाने का काम किया जा रहा है, जो कि गलत है। यहां पर पावर प्रोजेक्टों को भी आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपए की राशि लोग उन पर खर्च कर रहे हैं। यदि इस तरह से ही विरोध चलता रहा तो विकास नहीं होगा। दुनिया में रोप-वे परिवहन बेहद सफल रहा है, केवल हिमाचल में इसे प्रोत्साहन नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि रोप-वे के लिए पहले भवन से ऊपर 10 मीटर की दूरी रखी गई थी, जो कि सही नहीं है। बीआईएस कोड के मुताबिक यह दूरी डेढ़ से पांच मीटर तक होनी चाहिए। तकनीकी विशेषज्ञ इसे देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रोप-वे मालिक ओपन बिडिंग के माध्यम से रेट तय करेंगे।

रामलाल ठाकुर बोले

विरोध जताते हुए विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि बिल्डिंग से 10 मीटर ऊपर से रोप-वे जाए, पहले इसका प्रावधान था, लेकिन अब सरकार इसे कम कर रही है।

लूट की छूट न हो

सुंदर ठाकुर ने कहा कि सोलंगनाला में रोप-वे कंपनी ने लूट मचा रखी है। लूट की छूट नहीं होनी चाहिए।

कानूनविदों से पूछ रहे

विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि जहां जियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट आनी चाहिए, वहां कानूनविदों से पूछा जा रहा है, जिन्हें कुछ भी पता नहीं।

कंपनियों पर कंट्रोल हो

विधायक सुक्खू ने कहा कि संशोधन करने से प्राइवेट कंपनियों जो चाहेंगी, वही करेंगी, जबकि सरकार का नियंत्रण होना चाहिए।

सुरक्षा का ध्यान रखें

विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है। रोप-वे में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

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