छात्रों के लिए पागल नाला चुनौती

रोनहाट – जिला सिरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रोनहाट में शिक्षा ग्रहण कर रहे सैकड़ों विद्यार्थी अपनी जान को जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। स्थानीय बाजार से सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय महाविद्यालय रोनहाट को जोड़ने वाले तकरीबन एक किलोमीटर लंबे इकलौते पैदल मार्ग की हालत ऐसी है कि वहां पर कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना पेश आ सकती है। गौर हो कि स्कूल पहुंचने के लिए इन विद्यार्थियों को रोजाना जोखिम भरा पागल नाला पार करना पड़ रहा है। कई बार नन्हे बच्चे इस नाले में गंभीर रूप से चोटिल भी हो चुके हैं, जिसके बाद से अब स्कूल के अध्यापकों और स्टाफ की मौजूदगी में ही बच्चों से नाला पार करवाया जाता है। पिछले शनिवार व रविवार को हुई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से पागल नाला पर स्थानीय लोगों द्वारा बनाया गया अस्थाई मार्ग भी टूट कर बह गया है। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों की चिंता अब ज्यादा ही सताने लगी है। जरा सी बारिश होते ही पागल नाला उफान मारने लगता है। पिछले वर्ष 2018 में उफनते पागल नाला पर स्कूल प्रबंधन स्टाफ द्वारा जोखिम लेकर बच्चों को पार करवाते हुए बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। समाचार पत्रों में भी इस पागल नाले की खबर प्रकाशित की गई। बावजूद इसके अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग पाई और न ही इस पागल नाले को लेकर कोई प्रबंध प्रशासन व विभाग द्वारा किया गया। इसके बाद तत्त्कालीन उपायुक्त सिरमौर ने संज्ञान लेकर पागल नाला पर पुलिया बनाने और स्कूल के रास्ते को सुरक्षित करने के निर्देश शिलाई विकास खंड अधिकारी को दिए थे, लेकिन विकास खंड अधिकारी ने अपनी टीम सहित मौके का मुआयना भी किया और बाद में उपायुक्त के आदेशों को ठेंगा दिखाया गया, लेकिन आज एक वर्ष बीत जाने पर वहां न तो पुलिया बन पाई और न ही रास्ते को पक्का किया गया। मोहन सिंह चौहान, रतन सिंह, सुरेश कुमार, घनश्याम, छज्जू राम, केदार सिंह, गंगा राम, सुनील शर्मा, अनिल पंडित, मनसा राम, सही राम, प्रताप सिंह चौहान, कल्याण सिंह, जाति राम आदि अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजते हुए भी डर लगता है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ इस मार्ग में कोई हादसा पेश आता है तो इसके जिम्मेदार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी होंगे। स्थानीय पंचायत प्रधान सतपाल चौहान ने बताया कि विकास खंड अधिकारी शिलाई को उपरोक्त रास्ते को सुरक्षित करने और पागल नाला पर पुलिया बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, मगर अभी तक कार्य आरंभ करने की स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

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