टिक्कर-ननखड़ी रोड चार दिन से ठप

बागबानों के चहरे पडे़ पीले; फसल सड़ने की कगार पर, माल को मंडी तक ले जाना कठिन

ननखड़ी -ननखड़ी तहसील का मुख्य टिक्कर खमाडी वाया ननखड़ी 52 किलोमीटर सड़क आज चौथे दिन भी आवाजाही के लिए ठप पड़ी है। इससे बागबानों की चिंता बढ़ गई है। सेब सीजन चरम पर है स्थिति यह है कि सड़क टिक्कर से खमाड्डी तक बंद पड़ी है जिससे बागवानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है। कुछ बागवानों का सेब पांच दिन पहले टूट चुका है और पेटी में बंद है। सड़क बंद होने से सेब सड़ने की कगार पर आ गया है। इसके अलावा ननखड़ी से टुटूपानी रोड भी बंद पड़ा है जिससे बागवानों को अपना सेब मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है और बागवानोंे के चेहरे पर परेशानी नजर आ रही है। क्योंकि यहां बागबानों की आर्थिकी सेब पर निर्भर है जिससे सेब के भरपूर सीजन के चलते ग्रामीण काफी परेशान हैं। ऐसे में जिस तरह से सड़क जगह-जगह से बंद हो गई है उसे ठीक करने में फिलहाल वक्त लग सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां-जहां पर बहुत ज्यादा भू-स्खलन हुआ है वहां प्वाइंंट पहले से ही काफी संवेदनशील बने हुए थे। ऐसे में विभाग को चाहिए था कि उन प्वाइंट को पहले से सुधारे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजा यह है कि शनिवार से टिक्कर खमाड्डी वाया ननखड़ी मुख्य सड़क बंद पड़ी है। वहीं शिमला और रामपुर दोनों जगह से आवाजाही बंद हो गई है। ऐसे में लोगों की सेब की पेटियां घर पर और कुछ गाड़ी में पड़ी हैं। ननखड़ी तहसील की लगभग 12 पंचायतों के दर्जनों गांव अन्य क्षेत्रों से कट हो गए हैं। लगातार विभाग की चार जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं लेकिन टिक्कर से खमाडडी तक वाया ननखड़ी जगह-जगह पेड़ गिरने व भू स्खलन होने से सड़क पर मिट्टी व पत्थरों के ढेर पड़े हैं।  उधर इस विषय पर सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सब डिवीजन ननखड़ी बृज लाल ने कहा कि मौसम साफ रहा तो तीन या चार दिन में टिक्कर खमाड्डी सड़क को वाहनों के लिए बहाल कर दिया जाएगा।  

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