ट्रेनिंग पर भेजे गए एसपी ऊना

विधानसभा में गतिरोध दूर करने के लिए सरकार ने मानी विपक्ष की मांग

शिमला : विधानसभा में ऊना प्रकरण पर जानकारी देते मुख्यमंत्री

शिमला – विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच गतिरोध दूर करने के लिए जयराम सरकार ने एसपी ऊना दिवाकर शर्मा को चार अक्तूबर तक पुलिस प्रशिक्षण अकादमी हैदराबाद में ट्रेनिंग पर भेज दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सदन में दिए इस आश्वासन  के बाद मानसून सत्र के तीसरे दिन गतिरोध टूट गया। इसके चलते बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से आरंभ हो गई। तीसरे दिन प्रश्नकाल आरंभ होते ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने नियम-67 के तहत अपनी बात को फिर दोहराते हुए ऊना प्रकरण की बात रखी। उन्होंने कहा कि एसपी ऊना की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच की कल्पना नहीं की जा सकती। इस कारण मुख्यमंत्री सदन में एसपी ऊना को बर्खास्त करने, ट्रांसफर करने या छुट्टी पर भेजने का ऐलान करें। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मंगलवार को विपक्ष के वाकआउट के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों के विरुद्ध माफिया से मिले होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष माफिया के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। बावजूद इसके सत्तापक्ष सिर्फ सदन में माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दावे कर रहा है। हकीकत में सरकार माफिया पर अंकुश लगाने में नाकाम है। इसके उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना प्रकरण को लेकर पहले भी सदन में स्पष्ट तस्वीर रखी गई है। पुलिस ने शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस मामले में विपक्ष ने कुछ आशंकाएं उत्पन्न की हैं। लिहाजा लोकतांत्रिक व्यवस्था के चलते सरकार ने मामले की जांच से एसपी ऊना की भूमिका को पहले ही हटा दिया है। सदन को पहले ही यह बताया गया है कि विधायक सतपाल रायजादा के स्टाफ के विरुद्ध पुलिस केस की जांच गुप्तचर विभाग करेगा। डीआईजी रैंक के अधिकारी की निगरानी में यह जांच होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसपी ऊना को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 28 अगस्त से चार अक्तूबर तक हैदराबाद में प्र्रस्तावित ट्रेनिंग के लिए जाना है। इस महीने 24 और 25 अगस्त को सरकारी अवकाश है। इसके चलते एसपी ऊना जांच के दौरान ट्रेनिंग के चलते खुद बाहर रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद विपक्ष शांत हो गया और बुधवार को सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चली।

सीएम बोले, बदले की भावना से नहीं करता काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में प्रतिशोध की राजनीति को समाप्त करने की शपथ लेकर मैंने बतौर मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल आरंभ किया है। सदन का हर सदस्य इस बात को जानता है कि मैंने बदले की भावना से ग्रसित राजनीति को खत्म किया है, बावजूद इसके विपक्ष मेरी बातों का गलत मतलब निकाल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबका  दायित्व है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हम माफिया के खिलाफ लड़ाई करें।

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