तीन जगहों पर चल रहा हाब्बन स्कूल

राजगढ़ – पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में कई स्कूल भवनों का कार्य अधर में लटका हुआ है तो कहीं भवनों की हालत खस्ता है। शिक्षा खंड राजगढ़ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हाब्बन का स्कूल भवन भी इनमें से एक है जहां दो वर्ष पहले स्कूल पर ल्हासा गिरने के बाद भवन पर खतरा बना हुआ है। पूर्व उपायुक्त, एक्सईएन, बीडीओ और उपनिदेशक शिक्षा के अवलोकन के बाद भी भवन को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है, जबकि डीसी सिरमौर द्वारा इस बाबत कार्रवाई करने के निर्देश तुरंत दे दिए गए थे। इस लापरवाही को चाहे किसी पर मढ़ दें परंतु इसका खामियाजा तो अध्यापकों एवं बच्चों को ही झेलना पड़ रहा है जो स्थायी समाधान न होने के चलते लावारिसों की तरह कभी किसी के कमरे में तो कभी किसी के कमरे में कक्षाएं लगाने के लिए मजबूर हैं। वर्ष 2003-04 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हाब्बन नए भवन में स्थानांतरित किया गया था। 2017 की बरसात में भवन के पीछे ल्हासा आ जाने से स्कूल भवन की निचली मंजिल गाद से भर गई थी और स्कूल भवन को खतरा हो गया था। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल के बच्चों को वहां से उठाकर मुख्य बाजार हाब्बन के वन विभाग के हट, कृषि विभाग भवन एवं प्राथमिक स्कूल के कमरों में अस्थायी तौर पर शिफ्ट कर दिया था। इसी वर्ष डीसी सिरमौर का दौरा क्षेत्र में हुआ तो जिला परिषद सदस्या शकुंतला चौहान द्वारा हाब्बन स्कूल की हालत देखने की प्रार्थना करने पर उन्होंने अपने सभी अधिकारियों सहित स्कूल का निरीक्षण किया। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों ने नए भवन के लिए धनराशि का प्रबंध भी कर लिया था। लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि अभी तक विभाग ने बच्चों के बारे में क्यों नहीं सोचा जो जगह-जगह बैठकर पढ़ने को बाध्य हैं। रमेश हाब्बी, जय प्रकाश चौहान, देशराज शर्मा, बलबीर चौहान, रामस्वरूप शर्मा, राजेश शर्मा, सुरेश हाब्बी, कमलेश हाब्बी इत्यादि ने बताया कि उनका प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलेगा।

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