धर्मशाला से धूमल को टिकट की आखिर क्यों उठी आवाज़

धर्मशाला     – धर्मशाला उपचुनाव में प्रो. प्रेम कुमार धूमल को पार्टी प्रत्याशी बनाने की मांग क्यों उठ रही है। क्या भाजपा में भितरघात की आशंका के कारण ही नगरोटा बगवां से यह मांग उठी है। एक अनार, सौ बीमार वाली धर्मशाला भाजपा के लिए क्या यह कदम ठीक रहेगा, इस बात पर भी सियासी चर्चाओं का बाजार गरमाने लगा है। धूमल को टिकट मिल जाए, तो धर्मशाला उपचुनाव पर क्या असर पड़ेगा। इस बात को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े जिले में अचानक आए बिखराव के बाद उसे संभाल न पाना भी एक बड़ा सवाल माना जा रहा है। जिला में कई वरिष्ठ एवं संगठनात्मक चेहरे भी हैं, बावजूद इसके एक के बाद एक सियासी धमाके होते रहे, लेकिन सियासी डैमेज कंट्रोल करना मुश्किल बन गया। इसे देखते हुए अब कार्यकर्ता प्रो. धूमल को याद करने लगे हैं। विधानसभा उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल को उतारने की मांग आखिर क्यों उठने लगी है। नगरोटा के मंडलाध्यक्ष नरेश विरमानी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने यह आवाज क्यों उठाई  है। पिछले दिनों कांगड़ा में पार्टी के भीतर बिगड़े हालात पर कंट्रोल करने को किसी नेता के पहल न करने और हालात सामान्य न होने के बाद ऐसे आवाज उठने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के सक्रिय राजनीति से बाहर होने और प्रदेश के सबसे बड़े जिला में नेताओं व कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में न पिरोए जाने के बाद ही ऐसे हालात बनते दिख रहे हैं। हालांकि जिला के अन्य नेताओं से भी जनता को बड़ी उम्मीद थी कि वे इस सबसे बड़े जिला में पार्टी के भीतर एका कर हालात सामान्य बना पाएंगे, लेकिन बदले हालात देखते हुए कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं से आगे आने का आह्वान करने लगे हैं।

नए-नए नाम चर्चा में

उपचुनाव से पहले हर सप्ताह नए-नए नाम चर्चा में आने से अब धर्मशाला के मतदाता भी भ्रमित होने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के करीबी व कांगड़ा बैंक के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज का नाम भी इन दिनों सुर्खियों में हैं। हालांकि बड़े दिग्गजों के नाम सामने आने के बाद हालत बदल सकते हैं। इससे धर्मशाला ही नहीं पूरे राजनीतिक हालात पर असर पड़ेगा।

अब पुराने और नए उभरते नेताओं की बढ़ने लगी चिंता

पुराने चेहरों पर चर्चा के बाद नए एवं उभरते चेहरों की चिंता भी बढ़ने लगी हैं। दशकों बाद जगी उम्मीद के बावजूद पुराने एवं वरिष्ठ नेताओं के नाम अचानक चर्चा में आने के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

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