पर्यटन विभाग-निगम के अफसरों पर कार्रवाई तय

होटलों की सूची वेब पोर्टल पर अपलोड करने की गिरेगी गाज, मुख्य सचिव ने सौंपी रिपोर्ट

शिमला – एचपीटीडीसी होटलों की सूची वेब पोर्टल पर अपलोड करने के मामले में पर्यटन विभाग तथा निगम के और अफसरों पर गाज गिरना तय है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री ने यह संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस आधार पर अध्ययन के बाद आगामी कार्रवाई होगी। पुख्ता सूचना के अनुसार मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की जांच रिपोर्ट में पर्यटन विभाग तथा एचपीटीडीसी के अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। हालांकि जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह सब कुछ गलत मंशा या जानबूझ कर नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार पर्यटन विभाग ने इन्वेस्टिबल प्रोजेक्ट की किसी भी फाइल की मंजूरी नहीं दी थी। इन्वेस्टर मीट के लिए पर्यटन विभाग ने करीब नौ हजार करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा भी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्वेस्टर्स मीट के लिए पर्यटन विभाग ने दो सेक्टर बनाए थे। पहले सेक्टर में सेक्शन प्रोफाइल तैयार की थी। इसके तहत एडवेंचर स्पोर्ट्स, टी-टूरिज्म, रिजॉर्ट्स तथा प्राईवेट होटल सहित निजी क्षेत्र में निवेश की बात कही गई थी। इसकी सारी मंजूरियां पर्यटन विभाग ने प्रदान की थी। इस आधार पर इन्वेस्टर्स मीट की नॉलेज पार्टनर कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग ने इस सेक्टर को वेब पोर्टल पर अपलोड किया था। हालांकि विवाद एचपीटीडीसी के होटलों को लेकर उठा था। इसे इन्वेस्टिबल प्रोजेक्ट के सेक्टर में रखा गया था। जांच में दो टूक कहा गया है कि इस सेक्टर से संबंधित किसी भी फाइल की पर्यटन विभाग से मंजूरी नहीं मिली थी। हालांकि एचपीटीडीसी के 16 होटलों की सूची पर्यटन विभाग ने ही अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी को भेजकर इसका ब्रॉशर तैयार करने को कहा था। इसके लिए तीन-चार बार पर्यटन निदेशालय से ई-मेल भेजी गई थी। बहरहाल, अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी ने पर्यटन विभाग की अथॉरिटी के बिना एचपीटीडीसी के 16 होटलों की सूची रेट सहित राइजिंग हिमाचल के वेब पोर्टल पर अपलोड कर दी। इसके पीछे अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी की भी भारी चूक उजागर हुई है।

बड़ी कार्रवाई संभव

पर्यटन निदेशालय के एक अधिकारी के खिलाफ मामले की गाज गिरना तय है। अधिकारी के खिलाफ सरकार बड़ी कार्रवाई के मूड में है। इसके अलावा एचपीटीडीसी के कुछ अधिकारियों को सरकार एसीएस टूरिज्म रामसुभग सिंह की तरह उनके पदों से हटा सकती है।

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