पानी में डालते ही घुल जाएंगे भगवान।

पालमपुर- गणेश चतुर्थी का त्योहार नज़दीक आते ही पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में तैयार गजानन की प्रतिमाएं कोलकाता से पालमपुर पहुंच चुकी हैं। विभिन्न आकर में उपलब्ध इन मनोहर मूर्तियों में कई ईको फ्रेंडली भी हैं जो पर्यावरण प्रेमी भक्तों के विशेष अनुरोध पर तैयार की गई हैं। इनकी खासियत यह है कि पानी में प्रवाहित होने के कुछ ही समय में ये पूरी तरह घुल जाएंगी और जल प्रदूषण भी नहीं होगा। पालमपुर की आईमा पंचायत में संजीव कुमार इन मूर्तियों को अलग-अलग रंगों से नया रुप प्रदान कर रहे हैं। संजीव बताते हैं कि बड़ी मूर्तियों को रंगने में तीन से चार दिन का समय भी लग जाता है। पूरी तरह तैयार होने के बाद एक प्रतिमा की कीमत आकर के अनुसार सौ रुपये से 20 हजार रुपए तक होती है। यहां पर छह इंच से लेकर सात फुट तक ऊंची मूर्तियां उपलब्ध हैं। गौर रहे कि इस बार गणेष चतुर्थी का त्योहार दो सितंबर को मनाया जा रहा है।
पालमपुर से जयदीप रिहान की रिपोर्ट

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