फारूक, उमर ने कश्मीर मुद्दे पर मोदी से की चर्चा

नेशनल कांफ्रेंस (एनसीपी) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीसे मुलाकात की और उनसे न्यायिक मामलों का समाधान अदालत के जरिए तथा अन्य मामलों का हल राज्य की निर्वाचित सरकार के माध्यम से कराने का आग्रह किया। इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि केंद्र सरकार 15 अगस्त के बाद राज्य से संबंधित संविधान के अनुच्छेद 35-ए को समाप्त कर सकती है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने हालांकि इन अफवाहों को बुधवार को निराधार बताया था और कहा था कि अनुच्छेद 35-ए को समाप्त करने की कोई मंशा नहीं है। श्री उमर ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा,“ पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला तथा सांसद न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मसूदी के नेतृत्व में एनसीपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुबह प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान हमने श्री मोदी को राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में अपने आकलन से अवगत कराया।”उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने उनसे (श्री मोदी) से जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की, जिससे राज्य की स्थिति, विशेषकर पहले से ही खराब घाटी के हालात और बिगड़े। उन्होंने कहा, “ हमने विशेष तौर पर उनसे न्यायिक मामलों का समाधान अदालत के जरिये और अन्य मामलों का हल निर्वाचित सरकार के माध्यम से कराने की अपील की है। ”पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष श्री अब्दुल्ला ने श्री मोदी से कहा कि राज्य में एक वर्ष से अधिक समय से कोई निर्वाचित सरकार नहीं है। उन्होंने श्री मोदी से शीतकालीन सत्र से पहले विधानसभा चुनाव करवाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “ बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और हमारे साथ आज की बैठक के लिए हम श्री नरेंद्र मोदी साहब के आभारी हैं।”उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को गत कुछ वर्षों में राज्य में पर्यटकों की संख्या में हुई बढ़ोतरी और श्री अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन की जानकारी दी गयी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस बैठक की जानकारी दी है। पीएमओ ने ट्विटर पर इस बैठक की तस्वीर डालते हुए लिखा, “श्रीनगर से सांसद एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ-साथ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।”इससे पहले 29 जुलाई को श्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के बारे में ट्वीट कर कहा था कि राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने से पहले यह जान लेना चरूरी है कि राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार के मन में क्या चल रहा है? केंद्र राज्य की स्थिति को किस तरह से देख रहा है? नेशनल कांफ्रेंस का ध्यान इस पर है।” उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में अक्टूबर या नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव कराये जाने की अटकलें हैं और कयास लगाये जा रहे हैं कि चुनाव आयोग इस महीने के अंत में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। 
 
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