बढ़ती आबादी सभी समस्याओं की जननी : शांता कुमार

सोलन-पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने आज कहा कि देश में बढ़ती समस्याओं की जननी तेजी से बढ़ रही आबादी है और आबादी नियंत्रण कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘बढ़ती आबादी, घटते संसाधन‘ विषय पर यहां आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा कि आबादी के कारण ही बेरोजगारी की समस्या है और उससे लोगों में निराशा, कुंठा और अपराध बढ़ रहे हैं।  उन्होंने कहा कि समाज के सामने बढ़ती आबादी एक बड़ी चुनौती है चूंकि यह देश में आर्थिक असमानता को जन्म दे रही है और सामाजिक न्याय की राह में बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने आबादी नियंत्रण के उपाय नहीं किये तो देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी।  ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति आय दो हजार डॉलर है जो चीन में आठ हजार डॉलर है। इसके अलावा इस रिपोर्ट के अनुसार विश्व के 119 देशों में से गरीब देशों की सूची में भारत 103 नंबर पर है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी 141 करोड़ पहुंच गई है और आबादी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भारत आबादी के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि इसी रिपोर्ट के अनुसार भारत में भुखमरी की स्थिति भी गंभीर है जिसका कारण बढ़ती आबादी ही है।  श्री कुमार ने कहा कि लोगों को आबादी के संसाधनों पर प्रभाव को समझना चाहिए और आबादी नियंत्रण कानून के पक्ष में जनमत बनाने के लिए एक मंच पर आना चाहिए।  उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के कारण ही देश में कुपोषण और गरीबी बढ़ रही है जिससे बाल मृत्यु दर बढ़ रही है। आजादी के बाद से अब तक देश में तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं और पंजाब जैसे समृद्ध माने जाने वाले राज्य में भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी का असर पेय जल स्रोतों पर भी पड़ रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ मंत्री विपिन कुमार और पूर्व पर्यटन एवं परिवहन मंत्री एम एन सोफत ने भी श्री कुमार से सहमति जताते हुए बढ़ती आबादी पर चिंता जताई।

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