बरसात ने निगले 626 करोड़

बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा, दो दिन में 25 मौतें

शिमला – मौजूदा बरसात में अब तक हिमाचल को 626 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह प्रारंभिक आकलन है, जिसका आंकड़ा बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में मानसून से हुए नुकसान पर कहा कि अब तक 63 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले 17 व 18 अगस्त को ही दो दिन में 25 लोगों की मौत हुई है। सदन में मंगलवार को नियम-130 के तहत विधायकों ने बरसात से हुए भारी नुकसान का मामला उठाया। यह चर्चा विपक्ष के विधायक लाए थे, परंतु उन्होंने इसमें हिस्सा ही नहीं लिया, लिहाजा सत्तापक्ष के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र के नुकसान को सदन में उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी प्रदेश व हिमालय के नजदीक होने के कारण हमारी परिस्थितियां दूसरे राज्यों से भिन्न हैं। यहां का जीवन कठिन है। प्रकृति ने बेशक हिमाचल को काफी कुछ दिया है, मगर वह लेती भी बहुत कुछ है। बेहतर होता कि इस गंभीर मामले में विपक्ष भी विचार रखता। उन्होंने कहा कि क्या विपक्ष का मुद्दा बरसात से हुए नुकसान से बड़ा था जो कांग्रेस के विधायक सदन में नहीं आए। सीएम ने चुटकी ली कि कांग्रेस विधायकों का नुकसान तो बरसात से भी पहले हो चुका है, जिसकी भरपाई करना भी अब मुश्किल है।

5929 योजनाएं प्रभावित

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बरसात में कुमारहट्टी में दुखद हादसा हुआ, जिसमें कुल 14 लोगों की जान गई। बरसात में 5929 पेयजल व सिंचाई की स्कीमें प्रभावित हुई हैं, वहीं 224 पशुओं की भी जान गई है। इसके अलावा 799 पक्के व कच्चे मकान ढह गए। कृषि उपज को करीब 38 करोड़ के नुकसान का अनुमान है, वहीं उद्यान क्षेत्र को 6.13 करोड़ रुपए का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है।

नए मकान दिए जाएंगे

सीएम ने माना कि बागबानों का सेब सड़कों के टूटने से फंस गया है। सरकार कोशिश कर रही है कि रास्तों को जल्द से जल्द सुचारू कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिलों में सेटेलाइट फोन दिए जाएंगे। उन्होंने ऐलान किया कि जिन लोगों के घर पूरी तरह से ढह गए हैं, उन्हें नया मकान दिया जाएगा। उन्होंने घुमारवीं के खलग गांव की तबाही का जिक्र किया और बताया कि सात परिवारों को 12 दिए हैं।

आपदा राहत को 219.65 करोड़

नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड व स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड के माध्यम से सरकार ने अब तक आपदा राहत के लिए 219.65 करोड़ जारी किए हैं। 126.05 करोड़ रूपए जिलाधीशों को दी गई है, जबकि 93.60 करोड़ संबंधित विभागों को दिए गए हैं। 49.50 करोड़ आपदा राहत के लिए अलग से जिलाधीशों को दिए हैं।

ये बोले विधायक

विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने सुझाव रखा कि घरों में दरार आने पर पटवारी राहत के लिए नहीं लिखता। इस तरह के नियम बदले जाएं

विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि कांगड़ा जिला में बहुत ज्यादा बर्बादी हुई है, उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे चैक डैम बनाए जाने चाहिएं और सभी नालों, खड्डों की चैनेलाइजेशन करने की जरूरत है।

विधायक विक्रम सिंह जरयाल ने कहा कि चंबा जिला में व्यापक नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार केंद्र से क्षतिपूर्ति के लिए पुख्ता तरीके से मामला उठाए।

विधायक राजेंद्र गर्ग ने कहा कि घुमारवी के खलग गांव में बहुत नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार प्रभावितों की मदद अपने राहत मैन्यूल से हटकर करे।

विधायक परमजीत पम्मी ने कहा कि उनके पहाड़ी क्षेत्र में सड़कों व पेयजल स्कीमों का नुकसान हुआ है। यहां एक मकान गिर गया, जिसमें बाप व बेटे की मौत हो गई। एक दीवार गिरने से मजदूर की मृत्यू हो गई। उन्होंने कहा कि सभी नालों की चैनेलाइजेशन जरूरी है।

विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि रिलीफ मैन्यूल में जमीन के तबादले का नियम शामिल किया जाना चाहिए, जो कि अभी नहीं है।

विधायक सुभाष ठाकुर ने बिलासपुर जिला में हुए नुकसान का ब्यौरा सदन में रखा, वहीं विधायक होशियार सिंह ने कहा कि मेरे क्षेत्र में 12 खड्डे हैं, जिनका तटीकरण किया जाना जरूरी है। विधायक कमलेश कुमारी ने भोरंज में हुए नुकसान के बारे में बताया।

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