बारिश से तबाही

उफान पर नदी-नाले; दोकी मौत, एक पानी में बहा, पुल-सड़कें ध्वस्त

कुल्लू में बारिश का तांडव

कुल्लू -कुल्लू में बारिश के तांडव ने कई इलाकों की तस्वीर को बदल दिया। कई जिंदगियां भी बरसात के मंजर में दफन हो गई। पिछले 20 घंटों की बात करें तो तीन जिंदगियां दफन हो गईं। वहीं, कुछ लोग घायल भी हो गए हैं। जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित अखाड़ा बाजार में लेफ्ट बैंक को जोड़ने वाला पुल एक मुहाने पर ब्यास में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गया है। वहीं, रामशिमला-मनाली लेफ्ट बैंक में छरूडू के पास एक बार सड़क फिर ब्यास नदी की भेंट चढ़ गई  है। जिला कुल्लू के अधिकतर ग्रामीण रूटों पर बस सेवा बंद हो गई है। मनाली में भी सड़क धंस गई है।  मनाली के पांडूरोपा की पहाड़ी में तीन लोग फंस गए थे। यह घोड़े चराने के लिए गए हुए थे, जिनमें एक की मौत हो गई। मृतक की पहचान होशियार सिंह निवासी कंडालू गुम्मा जिला मंडी के रूप में हुई है, जबकि अन्य दो मनाली अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।  वहीं, बंजार के जिभी में एक कैफे संचालक चुनी लाल भी जिभी खड्ड में बह गया, जिसका अभी तक कोई अता-पता नहीं है। बताया जा रहा है कि वह अपने कैफे में जब काम कर रहा था तो इसी दौरान खड्ड का जलस्तर बढ़ा और वह बह गया। वहीं, मणिकर्ण घाटी के तेगड़ी नाला के पास भू-स्खलन की चपेट में आंध्रा प्रदेश का एक युवा पर्यटक आ गया है, जिसमें वह घायल हो गया है। उसे उपचार के लिए जरी अस्पताल लाया गया है। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पर्यटक की पहचान 22 वर्षीय गोगुला मुनी राघव निवासी एफ-437 आरटीपीपी डब्ल्यू रेडी नगर के रूप में हुई है। रामशिला में भी मंदिर को खतरा बना हुआ है। इसके अलावा पतलीकूहल में सब्जी मंडी भी जलमग्न हुई, जिससे आढि़यों को भी भारी घाटा पड़ा है।  कुल्लू और भुंतर में सरवरी और ब्यास नदी में आई बाढ़ का पानी झुग्गी-झोंपडि़यों में घुस गया है।

भू-स्खलन से सड़कों को नुकसान

इसके अलावा जिला कुल्लू में कई सड़कें भू-स्खलन की भेंट चढ़ गई हैं। वहीं, सैंज घाटी के न्यूली में एक पुल बाढ़ की भेंट चढ़ गया। एक दुकान भी सैंज में भू-स्खलन की भेंट चढ़ गई है। इसके अलावा बठाहड़ के तुंग नामक स्थान पर पहाड़ी से पत्थर गिरा और एक गाड़ी के ऊपर गिर गया, जिससे गाड़ी को काफी नुकसान हो गया है, लेकिन जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, तीर्थन घाटी में मछली फार्म भी जलमगन हो गए हैं। गुशैणी स्कूल का खेल मैदान में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।

You might also like