ब्रिक्स प्रोजेक्ट के लिए टेंडर का दौर फिर शुरू

शिमला – ब्रिक्स परियोजना में टेंडर करने का दौर शुरू हो गया है। टेंडर की यह प्रक्रिया दूसरी बार की जा रही है, क्योंकि इससे पहले जो टेंडर किए गए थे, उसमें कुछ कमियां रह गई थीं। अब प्रदेश का आईपीएच विभाग सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीडब्ल्यूसी) की गाइडलाइन पर नए सिरे से टेंडर कर रहा है। जल्द ही टेंडर में एल वन रहने वाली कंपनी को काम सौंपा जाएगा। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग कंपनियों को काम मिलेगा, क्योंकि यह परियोजना काफी बड़़ी है, जिसमें हरेक क्षेत्र में अलग-अलग टेंडर किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पिछली टेंडर प्रक्रिया में खामियां सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया को रोक दिया गया था। ब्रिक्स का यह प्रोजेक्ट लगभग 3300 करोड़ का है, जिससे राज्य की 20 हजार 600 बस्तियों में पानी पहुंचाने की योजना है। सालों से प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने का समय अब आ गया है। क्योंकि ब्रिक्स देशों के समूह से इसके लिए वित्तीय मदद ली जा रही है, लिहाजा विदेशी फंडिंग एजेंसी की औपचारिकताएं काफी ज्यादा रहती हैं। इन औपचारिकताओं को पूरा करने में खासा समय लगा। ब्रिक्स के तहत जिन बस्तियों को पानी पहुंचाया जाना है, उनके प्रोजेक्टों की डीपीआर पूरी हो चुकी है। इसमें पहले चरण में 700 बस्तियों को लिया जाएगा और इसके बाद एक हजार बस्तियों से ज्यादा को दूसरे चरण में लेंगे। फिर चरणबद्ध ढंग से यह काम चलता रहेगा। प्रदेश के लिए यह परियोजना काफी अहम है, क्योंकि यहां अभी तक हरेक बस्ती में पानी नहीं पहुंच पाया है। इसके साथ केंद्र सरकार ने अब हर घर नल का नया प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। प्रदेश में इससे संबंधित सभी परियोजनाएं  एक साथ शुरू होंगी जिससे यहां हर बस्ती, हर घर तक पानी पहुंचाया जाएगा। आने वाले कुछ साल में यहां पर सभी घरों में नल का प्रावधान रहेगा। एक तरफ जहां घरों को पानी से जोड़ने की योजना चल रही है वहीं दूसरी ओर जल संग्रहण पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए भी विशेष परियोजना हिमाचल के लिए मंजूर हो चुकी है।

गांवों में पानी की व्यवस्था में होगा सुधार

ब्रिक्स परियोजना के सिरे चढ़ने से पुरानी पेयजल योजनाओं के संवर्द्धन के लिए मिले प्रोजेक्ट में भी आईपीएच ने कंसल्टेंट लगा दिए हैं। टेंडर प्रोसेस को लेकर आईपीएच मंत्री ने सभी सर्किल से रिपोर्ट मांगी है। महेंद्र सिंह का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था का बड़ा सुधार होगा।

You might also like