भाखड़ा का पानी पंजाब के निचले इलाकों में भरा

ब्यास-रावी नदी में बाढ़ की आशंका

चंडीगढ़ – पश्चिमोत्तर क्षेत्र में अगले 48 घंटों के दौरान औसत से भारी बारिश होने तथा कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। ब्यास तथा सतलुज नदी के उफान पर होने के कारण भाखड़ा बांध से छोड़ा गया करीब 63 हजार क्यूसिक पानी श्रीआनंदपुर साहिब के निचले इलाकों में भर गया, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। ब्यास और रावी नदी में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर आसपास के जिलों को सतर्क कर दिया है। उधर, भाखड़ा के फ्लड गेट लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी खोलने पड़े। फ्लड कंट्रोल गेटों को एक फुट से बढ़ाकर शनिवार सुबह नौ बजे चार फुट तक खोल दिया गया। यह पानी श्रीआनंदपुर साहिब के गांव लोधीपर, लोदीपुर ब्रोटू बॉस से आगे गांव मटौर, निक्कूवाल, मेहंदली कलां, गज्जपुर, चंदपुर, मिढवां लोअर, कोटला लोअर, शाहपुर बेला व बलो वाला आदि गांवों में तीन से चार फुट तक भर गया। किसानों की हजारों एकड़ क्षेत्र में फसलें पानी में डूब गई हैं।  तरनतारन के अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) ने शनिवार सुबह बताया कि फिलहाल बाढ़ की स्थिति तो नहीं है, लेकिन नदियों में जलस्तर बढ़ा है। सतलुज, ब्यास हरिके में आकर मिलती हैं और वहां से पानी राजस्थान को जाता है तथा फालतू पानी पाकिस्तान चला जाता है। फिलहाल खेमकरण इलाके में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा गया है  रावी ,ब्यास और सतलुज का पानी भरने से फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम केंद्र के अनुसार पंजाब तथा हरियाणा में अगले दो दिनों के दौरान कहीं-कहीं अति भारी तथा अधिकांश इलाकों में औसत से भारी बारिश की संभावना है।

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