मंडियों में बागबानों से ज्यादती

सेब सीजन के दौरान 1511 रुपए पेटी की बोली पर मिल रहे 1400 रुपए, छूट वाली बोली में गड़बड़

शिमला –सेब सीजन के दौरान प्रदेश की मंडियों में बागबानों के साथ लूट का खेल जोरों पर है। एक तरफ टेलिस्कोपिक कार्टन को लेकर सरकार खुद चिंतित है, वहीं दूसरी ओर मंडियों में आढ़तियों ने भी खूब लूट मचा रखी है। छूट की बोली पर यह लूट का सिलसिला चल रहा है, जिससे बागबान चिंतित हैं। बताया जाता है कि 1511 रुपए पर छूटने वाली बोली की एवज में बागबान को 1400 रुपए की राशि मिल रही है, जबकि उसे पूरा पैसा मिलना चाहिए। शिमला जिला की मंडियों में यह लूट काफी ज्यादा मची हुई है। इससे साफ है कि प्रदेश से बाहर भी बागबानों के साथ इसी तरह की लूट मची होगी। बताया जाता है कि सेब न बिकने, पेमेंट न मिलने तथा कम दाम पर सेब बिकने के भय से बागबान भी इस सुनियोजित लूट के खिलाफ आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। इसे रोकने में कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) शिमला-किन्नौर पूरी तरह से नाकाम रहा है। फल मंडियों में इन दिनों ओपन बोली लग रही है। सरकार ओपन बोली को लेकर गंभीर थी, जिसके निर्देशों पर ओपन बोली लगाई जा रही है। इसके बावजूद बागबानों के साथ ठगी नहीं रुक रही है। शिमला की भट्टाकुफर मंडी के साथ चल रही एक अस्थायी मंडी में यदि बागबान का सेब 1511 रुपए प्रति पेटी के हिसाब से बोली पर छूटता है, तो बागबान को 1400 रुपए दिए जाते हैं। प्रति पेटी बागबान को सीधे-सीधे 110 रुपए का नुकसान हो रहा है। इस तरह 100 पेटी सेब में सीधे-सीधे एक बागबान को 1100 रुपए की हानि उठानी पड़ रही है। हैरानी इस बात की है कि बागबान आढ़तियों की इस लूट के खिलाफ मुंह तक नहीं खोल पा रहा। हालांकि कुछेक एपीएमसी की मंडियों में 20 से 50 रुपए की छूट दी जाती है। सभी जगहों पर अलग-अलग रेट पर बागबानों को ठगा जा रहा है, जिसका कोई विरोध भी नहीं कर पा रहा।

… और आढ़तियों की लगी मौज

एक बागबान से बात करने पर उसने बताया कि 110 रुपए की कटौती सभी बागबानों से की जा रही है। इसलिए उन्होंने इसका विरोध नहीं किया। बागबान ने माना कि हम लोग संगठित नहीं हैं। इसी का फायदा कुछेक आढ़ती उठा रहे हैं। सालभर बागीचों में जी-तोड़ मेहनत करने के बाद सेब बेचते वक्त बागबान चुपचाप खड़े होकर आढ़तियों की लूट का सरेआम तमाशा देखते हैं और बोल भी नहीं पाते। यही हाल एपीएमसी की अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही मंडियों का भी है।

जागरूकता का आह्वान

हिमाचल फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश चौहान ने प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व एपीएमसी से सभी स्थायी व अस्थायी मंडियों में पारदर्शी ढंग से सेब की बोली लगाने की मांग उठाई है। इसके लिए उन्होंने बागबानों से भी जागरूक होने की अपील की है।

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