मंदी रोकने को 70,000 करोड़

बचाव में आईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बैंकों के लिए किया बड़े पैकेज का ऐलान

नई दिल्ली – देश में आर्थिक मंदी के हालातों को सुधारने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने टैक्स सुधारों का ऐलान किया है। कैश फ्लो बढ़ाने के लिए सरकार ने बैंकों को 70000 करोड़ रुपए जारी करने का ऐलान किया है। सरकार की ओर से दिए गए 70000 करोड़ रुपए के पैकेज से वित्तीय व्यवस्था में पांच लाख करोड़ रुपए का कैश फ्लो होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने निवेश को बढ़ाने के लिए लांग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स सरचार्ज को वापस लेने की घोषणा की है। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफपीआई पर भी अतिरिक्त सरचार्ज को वापस लिया जाएगा। अब एक बार फिर से बजट से पहले की स्थिति पर वापस जाने का फैसला लिया गया है। बजट से पहले एफपीआई पर 15 फीसदी का सरचार्ज लगता था, जिसे बजट में 25 फीसदी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के उल्लंघन पर अब क्रिमिनल केस नहीं बनाया जाएगा, बल्किइस पर सिर्फ जुर्माना ही लगेगा। स्टार्टअप्स पर लगने वाले ऐंजल टैक्स की वापसी का भी फैसला लिया गया है। सरकार की ओर से आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी में जो भी खामियां हैं, उसे दूर करेंगे। टैक्स और लेबर कानून में लगातार सुधार कर रहे हैं। यह कहना गलत है कि सरकार किसी का उत्पीड़न कर रही है। संपत्ति बनाने वाले लोगों का हम सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों के विलय और अधिग्रहण की मंजूरी तेजी से दी जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स उत्पीड़न के मामलों पर रोक लगेगी। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों ने रेट कट का लाभ अब ग्राहकों तक पहुंचाने की सहमति जताई है। बैंकों से लोन लेने वाले ग्राहकों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि लोन क्लोजर के 15 दिनों के भीतर सिक्योरिटी के लिए जमा किए दस्तावेज ग्राहकों को वापस करने होंगे। वित्त मंत्री ने अपनी प्रेस कान्फें्रस के दौरान इकॉनोमी का एक प्रजेंटेशन भी दिया। कुल 32 स्लाइड्स में निर्मला सीतारमन ने अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश की। ऑटो सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च, 2020 तक खरीदे जाने वाले बीएस-4 इंजन वाले व्हीकल्स को चलाने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन फीस में इजाफे को भी जून, 2020 तक के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सरकार के जोर के चलते पेट्रोल और डीजल वाली गाडि़यों के बंद होने की आशंका थी और इसके चलते बिक्री कम होने की शिकायतें आ रही थीं। ग्लोबल इकॉनोमी के बारे में बात करते हुए निर्मला ने कहा कि वैश्विक जीडीपी 3.2 पर्सेंट रहने का अनुमान है।

सरकार के बड़े ऐलान

 निवेश बढ़ाने लांग-शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स सरचार्ज वापस

 विदेशी संस्थागत निवेशकों पर भी अतिरिक्त सरचार्ज हटाया

 कारपोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी के उल्लंघन पर क्रिमिनल केस नहीं

 31 मार्च, 2020 तक खरीदे गए बीएस-4 वाहन नहीं होंगे बंद

 नए वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने का फैसला भी टाला

 आरबीआई के रेपो रेट में कटौती का लाभ सीधे जनता को मिलेगा

मूडीज ने भारत का विकास अनुमान घटाया

नई दिल्ली – क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने साल 2019 के लिए भारत के आर्थिक विकास दर अनुमान को घटाकर 6.2 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.8 फीसदी की दर से आगे बढ़ने का अनुमान जताया था। इसके साथ ही एजेंसी ने साल 2020 के लिए जीडीपी विकास दर अनुमान को 7.30 से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। मूडीज ने बताया कि अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती ने एशियाई निर्यात पर प्रतिकूल असर डाला है और अनिश्चित माहौल निवेश पर भारी पड़ा है।

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