मनाली-लेह मार्ग आठ घंटे ठप

मनाली –रोहतांग दर्रे के समीप दरक रही पहाड़ी ने एक बार फिर मनाली-लेह मार्ग पर गाडि़यों की आवाजाही रोक डाली है। शनिवार देर रात जहां रोहतांग दर्रे के समीप भू-स्खलन होने से करीब आठ घंटे तक यातायात व्यवस्था ठप रही, वहीं रविवार दोहपर को मनाली-लेह मार्ग पर गाडि़यों की आवाजाही बहाल हो पाई। रोहतांग दर्रे के समीप बार-बार टूट रही पहाड़ी ने जहां राहगिरों को डरा डाला है, वहीं बीआरओ की दिक्कतें भी बढ़ा डाली हैं। शनिवार रात को भी रोहतांग दर्रे के समीप पहाड़ी से चट्टानों के सड़क पर गिरने से सैकड़ों सैलानियों के वाहन यहां करीब आठ घंटे तक फंसे रहे, वहीं लाहुल-स्पीति के किसानों की फसलों से भरी गाडि़यां भी दर्रे पर फंसी रहीं। रोहतांग दर्रे के समीप पहाड़ी के टूटने से सड़क पर गिरे मलबे को हटाने में जहां बीआरओ के जवानों को खासी मश्क्कत करनी पड़ी, वहीं उक्त सड़क पर फंसे सैलानियों को भी इस दौरान खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां बता दें कि बीते सप्ताह भी तीन दिनों तक सैकड़ों सैलानी रोहतांग दर्रे पर फंसे थे। ऐसे में घाटी में लगातार पहाडि़यों से हो रहे भू-स्खलन ने अब मनाली-लेह सड़क पर सफर करने वाले सैलानियों को डराना शुरू कर दिया है। यहां लगातार टूट रही पहाड़ी को ध्यान में रख जहां प्रशासन ने सैलानियों से यह अपील की है कि मौसम को ध्यान में रख ही सैलानी मनाली-लेह सड़क पर सफर करें, वहीं लाहुल की तरफ भी हालात काफी खराब बने हुए हैं। घाटी में बहने वाले नाले जहां उफान पर बह रहे हैं, वहीं केलांग से कोकसर तक की सड़क पर विभिन्न जगहों पर भू-स्खलन का दौर जारी है। ऐसे में मनाली-लेह सड़क पर इन दिनों सफर करना खतरे से खाली नहीं है। शनिवार रात को रोहतांग दर्रे के समीप हुए भू-स्खलन के कारण करीब आठ घंटे तक दर्रे के दोनों तरफ गाडि़यों की लंबी कतारें लगी रही, वहीं सैलानी भी गाडि़यों में रात बिताने के लिए मजबूर दिखे। उधर, बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि रोहतांग दर्रे के समीप पहाड़ी से लगातार भू-स्खलन हो रहा है, जिस कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बीआरओ के कमांडर उमां शंकर का कहना है कि रोहतांग दर्रे के समीप पहाड़ी से चट्टाने गिरने का दौर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि शनिवार देर रात भी यहां पर भू-स्खलन हुआ है।

You might also like