विपक्ष का फिर वाकआउट

विधायक सतपाल रायजादा के पीएसओ-ड्राइवर पर दर्ज केस के मामले पर हंगामा

शिमला – हिमाचल विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा करने के बाद सदन से वाकआउट कर दिया। हालांकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए विधायक सतपाल रायजादा के पीएसओ-ड्राइवर पर दर्ज पुलिस केस की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जांच से एसपी ऊना को बाहर रखा जाएगा और मामले की जांच गुप्तचर विभाग के आईजी की निगरानी में होगी। बावजूद इसके एसपी ऊना के तबादले की मांग पर अड़े विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। प्रश्नकाल तक बेल में आकर जोरदार हंगामा करने के बाद कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर चले गए। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का विपक्ष के विधायकों को माफिया कहना गलत है। उन्होंने कहा कि मामले पर उचित जांच बिठाई जाए। लेकिन इससे पहले एसपी ऊना को हटाया जाए, उसके बाद ही निष्पक्ष जांच हो पाएगी। सीएम विधायक को माफिया कहने पर माफी मांगें। सीएम ने कहा कि मैंने विधायक दल को कभी माफिया नहीं कहा है। मैंने कहा था कि विधायक दल माफिया को सरंक्षण दे रहा है। विपक्ष ने अपना पक्ष रखा, जिसे सुनने के बाद हमने निर्णय लिया कि जांच को निष्कर्ष तक पहुंचे बिना न हम एक पक्ष ले सकते हैं, न दूसरा। सीएम ने स्पष्ट किया कि न तो विधायक सतपाल रायजादा के खिलाफ मामला दर्ज है और न ही उनके खिलाफ कोई राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है। जिसके पास से शराब की गाडि़यां पकड़ी गईं, उसके खिलाफ तो कार्रवाई होगी। सीएम ने इस मामले पर प्रस्ताव रखा कि इस जांच को शिफ्ट करते हैं। एसपी मामले की जांच नहीं करेंगे। आईजी के नेतृत्व वाली सीआईडी इस मामले की जांच करेगी। स्वतंत्र निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपी जाएगी। यदि एसपी दोषी पाए जाते हैं, तो तबादला ही नहीं, बल्कि विभागीय कार्रवाई भी होगी। इस पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हर तरह के माफिया के खिलाफ जो भी कार्रवाई करनी है, करें।  मगर एसपी को वहां से हटाए बिना निष्पक्ष जांच नहीं होगी। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और विस अध्यक्ष ने सदन को शांत करवाया। इसके बाद विपक्ष ने एसपी के निलंबन व तबादले की कंडीशन पर सीएम ने कहा कि शराब तो पकड़ी गई है। यदि एसपी को हटाया जाता है, तो माफिया में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। अभी तक जांच निष्कर्ष पर नहीं आई है, अभी शुरुआत हुई है। डलहौजी की विधायक आशा कुमारी ने कहा कि जो शराब पकड़ी गई है, उसमें कार्रवाई करें। सरकार शराब व विधायक के पर्सनल स्टाफ को फंसाने के मामलों को अलग रखे। सोशल मीडिया पर विधायक की गाड़ी का नंबर व स्टाफ के फोटो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई करें। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से हर जगह जा रहा हूं। इस पर विपक्ष ने उद्योग मंत्री से नोंक झोंक शुरू कर दी। इस पर सीएम ने फिर से सदन में कहा कि आईजी के नेतृत्व में सीआईडी मामले की जांच करेगी, जिसमें एसपी का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। जांच पूरी न होने तक एसपी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।

विधायक के खिलाफ नहीं हो रही जांच

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक के इंस्टीच्यूशन का सरकार पूरा सम्मान करती है, लेकिन इसकी एवज में एमएलए के स्टाफ व परिजनों को वह प्रिवलेज नहीं मिल सकता, जो विधायक का है। सीएम ने कहा जांच न तो एसपी और न ही विधायक के खिलाफ है। जांच घटना के खिलाफ है। जांच में यदि एसपी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

एसपी को हटाने तक जारी रहेगा विरोध

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच के लिए एसपी ऊना को हटाया जाना जरूरी है। इसके बाद ही निष्पक्ष जांच की उम्मीद की जा सकती है। एसपी के वहां मौजूद रहने से वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब तक सरकार एसपी ऊना को नहीं हटाती है, तब तक विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहेगा।

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